भरुआसुमेरपुर (हमीरपुर)। अमरनाथ यात्रियों का एक जत्था सोमवार को कस्बा वापस आया। इन श्रद्धालु भक्तों ने जम्मू कश्मीर के बालटाल में हुई हिंसक झड़प की निंदा की। इन यात्रियों में इस घटना की दहशत उनके चेहरों पर झलक रही थी। सकुशल वापस लौटे श्रद्धालुओं ने स्टेशन पर बम बम भोले, बाबा बर्फानी के जयकारे लगाए।
बीते वर्षों की भांति इस साल भी कस्बे से काफी संख्या में लोग अमरनाथ यात्रा के लिए गए। जिसमें भक्तों ने बाबा बर्फानी के दर्शन कर वापस लौटना शुरू कर दिया है। सोमवार को सभासद रामजी मिश्रा व रज्जन चौरसिया के नेतृत्व में 16 लोगों का जत्था कस्बे में पहुंचा। इन यात्रियों ने जम्मू कश्मीर में बालटाल में हुई हिंसक घटना को निंदनीय बताया। कहा कि कुछ कश्मीरियों ने पंजाब के भक्तों के लंगर में आग लगा दी जिसमें लगभग 70 गैस सिलेंडर फटे। इस घटना में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त घायल हुए। वापसी के समय घटना के दिन वे लोग भी बालटाल में थे। उन्होंने कहा कि सेना के आने के बाद ही हिंसक घटना में नियंत्रण हो सका। कसबे में सकुशल पहुंचने पर इन श्रद्धालु भक्तों ने जय बाबा बर्फानी व बम बम भोले के जयकारे लगाते हुए अपने परिजनों से मिले। लेकिन इन श्रद्धालु भक्तों के चेहरों पर घटना की दहशत साफ झलक रही थी।
लंगर बंद करना गलत
सभासद रामजी मिश्रा का कहना है कि अमरनाथ यात्रा में लंगर आदि चलने से बहुत कम खर्च में यात्रा पूरी हो जाती है। कश्मीर के लोग इन लंगरों को वहां चलने नहीं देना चाहते क्योंकि वह अमरनाथ यात्रियों से और अधिक धन कमाने की फिराक में रहते हैं।
70 सिलेंडर फटने की घटना छिपाई
सभासद रज्जन चौरसिया का कहना है कि बालटाल की घटना में करीब 70 सिलेंडर फटे थे। जिसमें 200 से अधिक श्रद्धालु भक्त घायल हुए लेकिन इन खबरों को वहां छिपाया जाता है ताकि और अधिक उपद्रव न बढ़ जाए।
दोषियों पर हो कार्रवाई
श्रद्धालु कल्लू सोनी का कहना है कि बालटाल की घटना की वह निंदा करते हैं और तीर्थ स्थानों में जाने वाले लोगाें के साथ ऐसी घटना करना निंदनीय है। वह जम्मू सरकार से दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।