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बाढ़ के पानी ने रोका गांवों का आवागमन

Mon, 02 Sep 2013 05:36 AM IST
Hamirpur
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मौदहा (हमीरपुर)। भीषण बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी से कई गांवों के संपर्क कसबे से कट गए हैं। वहीं चौबीसी क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से अधिक गांव पढ़ोरी गांव के निकट डेरा की पुलिया सहित करीब 35 मीटर सड़क चंद्रावल नदी की बाढ़ से बह गई। उधर कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरेड़ी नाला बाईपास संपर्क मार्ग के बहे पुल को भारी विरोध के बावजूद एसडीएम ने पीएनसी कर्मचारियों के साथ देर रात तक मरम्मत कराकर हाईवे को संचालित करा दिया।
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चंद्रावल नदी सहित सिहोर व श्याम नदी और बरेड़ी नाला 30 अगस्त से उफान पर हैं। इससे एक बहुत बड़ा क्षेत्रफल जलमग्न हो गया है। पारा-लदार, भवानी, गुरदहा, फत्तेपुरवा, लरौंद, इचौली तथा पढ़ोरी गांव के संपर्क मार्गो के रपटे व मिनी छोटे पुल जलमग्न हो गए। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग कानपुर-सागर का बरेड़ी नाला पुल बह जाने से 24 घंटे हाईवे ठप रहा। इसके निकट के सिचौलीपुरवा गांव के लोगों ने निर्माण का विरोध शुरू कर दिया। देर शाम एसडीएम रामयश गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीएनसी कर्मियों से देर रात तक पुल बनवाने के बाद सुबह हाइवे चालू करा दिया। उधर कसबे से सिसोलर व केन नदी के किनारे भुलसी गांव तक बनी सड़क और पढ़ोरी के निकट चंद्रावल नदी पर बना कम ऊंचाई का रपटा बह गया है। साथ ही 35 मीटर सड़क कटाव में बह गई। इससे पढ़ोरी, सिसोलर, भुलसी, छानी, बक्छा, टोला, बैजेमऊ, बेरी, लेवा, पासून, बम्हरौली सहित कई गांवो का मार्ग अवरुद्ध हो गया है। ग्रामीण इस मार्ग की मरम्मत कराए जाने की मांग कर रहे हैं।

राठ जलालपुर मार्ग पर खड़ी हो गईं बसें
राठ(हमीरपुर)। क्षेत्र के नदना गांव के पास दो स्थानों पर सड़क कटने से राठ से जलालपुर वाया मौदहा मार्ग का आवागमन ठप हो गया। इससे इस रूट पर चलने वाली बसें खड़ी हो गईं। बसों का संचालन न होने से करीब दो दर्जन गांवों का आवागमन ठप हो गया। वहीं राठ जलालपुर मार्ग बस यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता आजाद ने बताया कि बसों का संचालन ठप होने से प्रतिदिन हजारों रुपये का नुकसान हो रहा है। इसी तरह राठ सरीला मार्ग पर अमगांव के पास 20 फीट लंबी सड़क बारिश से बह गई। इससे एक दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया। वहीं अमगांव से सरसई गांव को जोड़ने वाली सड़क भी कई स्थानों पर बह गई। वहीं राठ चरखारी मार्ग पर गल्हिया मोड़ के पास सड़क फटने से एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया। बारिश थमने के बाद भी लोक निर्माण विभाग टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं करा रहा। इससे ग्रामीणों में रोष है।
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