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Hamirpur News: कागजों में 60, मौके पर नहीं मिला एक भी मजदूर

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फोटो 10 एचएएमपी 26- अनुरुद्ध के खेत में मेड़बंदी व समतलीकरण का काम।
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बिवांर (हमीरपुर)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना वीबी-जीरामजी में फर्जीवाड़े के नए मामले सामने आ रहे हैं। सुमेरपुर विकासखंड क्षेत्र के कल्ला गांव में ग्रामीणों ने निवर्तमान प्रधान (प्रशासक) पर ग्राम पंचायत के कामों में जमकर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है। शनिवार को भी 60 मजदूरों को दर्शाया गया। इसकी पड़ताल के लिए जब संवाद न्यूज एजेंसी की टीम मौके पर गई तो कोई भी मजदूर नहीं मिला।
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योजना के तहत कल्ला गांव में अनिरुद्ध के खेत में समतलीकरण व मेड़बंदी, रामऔतार के खेत में समतलीकरण व मेड़बंदी और चारागाह की भूमि में सुरक्षा खाई व भूमि विकास का कार्य करवाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और सचिव मिलकर इन कामों की फर्जी डिमांड लगा रहे हैं। बीते एक सप्ताह से इन कामों में लगभग 50 मजदूरों की डिमांड लगाई जा रही है।

फोटो खिंचवाने के लिए मजदूरों को देते पैसे
कल्ला गांव की गुलजारी ने बताया कि मेड़बंदी करीब एक साल पुरानी है जो ट्रैक्टर के मेड़ मेकर से बनाई गई थी। आरोप लगाया कि प्रधान रोज सुबह कुछ लोगों को लेकर आते हैं और उनके हाथों में फावड़ा थमाकर फोटो खींच लेते हैं। फोटो खिंचवाने के लिए 80 रुपये दे दिए जाते हैं। ग्राम प्रधान ने कभी भी उसका जॉब कार्ड नहीं लगाया है।
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कल्ला निवासी कैलाश ने बताया कि उन्हें कभी कोई काम नहीं मिला है लेकिन ग्राम पंचायतों में काम बराबर दर्शाया जाता है। उन्होंने इस फर्जीवाड़े में संबंधित अधिकारियों की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है। कहा कि किसी से भी शिकायत करो, अधिकारी खानापूर्ति कर चैन की बंसी बजाते रहते हैं। इनका कुछ नहीं होने वाला है।
गांव के वीरेंद्र कबीर ने बताया कि ग्राम प्रधान एक साल पुरानी मेड़ की सिर्फ घास छिलाई करवा रहे है और रोज मजदूरों को खड़ा करके फोटो खींच ले जाते हैं। उन्होंने फर्जी काम का विरोध भी किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप लगाया कि फर्जी डिमांड लगाकर मजदूरों का हक डकारा जा रहा है।

फोटो 10 एचएएमपी 26- अनुरुद्ध के खेत में मेड़बंदी व समतलीकरण का काम।

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