सरीला (हमीरपुर)। चिकासी–मोहाना के बीच बेतवा नदी पर 99.9 करोड़ की लागत से बन रहा पुल समय से पूरा होता नहीं दिख रहा। अभी 42 फीसदी कार्य बाकी है। निर्माण की रफ्तार बहुत धीमी है। 20 माह में सिर्फ 58 फीसदी काम ही कार्यदायी संस्था कर पाई है। परियोजना का शेष कार्य पूरा करने के लिए अब सिर्फ 4 माह का समय ही शेष है। ऐसे में समय पर पुल बनने की उम्मीद नजर नहीं आ रही। इसके बनने से लगभग पांच हजार वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है। इससे बुंदेलखंड के कई जिलों का यातायात संपर्क जुड़कर सुगम हो जाएगा।
बेतवा नदी पर सेतु निगम की ओर से बनाए जा रहे इस नए पुल की लंबाई 700.9 मीटर और चौड़ाई 7.5 मीटर निर्धारित है। परियोजना के तहत नदी में कुल 13 पिलर पर पुल का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें से 12 पिलर पूरे हो चुके हैं, जबकि एक पिलर पर कार्य जारी है। अब तक केवल चार स्पान की छत ही डाली जा सकी है। पुल निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण चरण मानी जाने वाली पुल खंड प्रक्षेपण अभी तक शुरू नहीं हो सकी है।
निर्माण कार्य जून 2024 से शुरू हुआ था और जून 2026 में पूरा होना है। अबतक लगभग 20 माह बीतने को हैं और काम सिर्फ 58 फीसदी हो पाया है। शेष बचे चार माह में 42 फीसदी निर्माण अभी बाकी है। अब कार्यदायी संस्था के पास मात्र चार माह का समय ही बचा हुआ है। ऐसे में समय पर पुल बनने की संभावना कम ही नजर आ रही है। शेष कार्य में स्पान लॉन्चिंग, सुपर स्ट्रक्चर, एप्रोच रोड, सुरक्षा प्रबंध और फिनिशिंग जैसे अहम चरण शामिल हैं।
निर्माण कार्य में अब तक करीब 58 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन परियोजना का निर्णायक चरण अभी जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। एप्रोच रोड निर्माण की स्थिति भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। दोनों ओर मिट्टी भराई का कार्य अधूरा है।
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स्थानीय लोगों की चिंता
चिकासी गांव के जितेंद्र कुमार का कहना है कि नया पुल इलाके की जरूरत है, लेकिन काम की रफ्तार बहुत धीमी दिखाई दे रही है। पुराने पुल के बंद होने से गांव के लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
हरदुआ गांव के ब्रजेश राजपूत ने बताया कि पुराना पुल बंद होने से व्यापार पर असर पड़ा है। भारी वाहनों को दूसरे रास्तों से जाना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। कार्यदायी संस्था को नए पुल निर्माण के कार्य में तेजी रखने की जरूरत है।
पुराने पुल की मरम्मत धीमी रफ्तार से हुई तो बढ़ेगी समस्या
चिकासी व मुहाना के बीच बेतवा नदी पर पांच फरवरी 1983 को पुल बनाया गया था। लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट में यह पुल अपनी निर्धारित आयु पूरी कर चुका है और जर्जर स्थिति में है। पुल की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। यही वजह है कि 42 दिन के लिए आवागमन पूर्णतया बंद कर दिया गया। इस वजह से राठ-उरई-पनवाड़ी मार्ग पर यातायात का दबाव वैकल्पिक मार्गों पर बढ़ गया है। भारी वाहनों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ गई। मरम्मत का कार्य अगर प्रभावित हुआ और धीमी गति हावी रही तो पुल बंद होने की समय सीमा बढ़ाई जाएगी, ऐसे में क्षेत्रीय लोगों के लिए ही नहीं सागर, पन्ना, छतरपुर, हरपालपुर से लेकर महोबा, हमीरपुर, जालौन के लिए यातायात समस्या और बढ़ेगी।
- पुल निर्माण की समय सीमा जून 2026 है। गुणवत्ता को लेकर विशेष निगरानी की जा रही है। साइट पर स्थापित प्रयोगशाला में नियमित जांच की जा रही है और आवश्यकता अनुसार बाहरी एजेंसियों से भी परीक्षण कराया जा रहा है।
-आनंद कुमार पंकज सहायक अभियंता सेतु निगम हमीरपुर
पुल निर्माण कार्य मानकों के अनुसार कराया जा रहा है। इसको पूर्ण करने की समय सीमा जून 2026 है, लेकिन कुछ कार्य शेष रहता है तो दिसंबर तक ठेकेदार को पूरा करना होगा। प्रयास है कि समय अवधि में अधिकतम कार्य पूरा किया जाए। फिलहाल स्पान लॉन्चिंग की तैयारी चल रही है।
-दिलीप कुमार उप परियोजना प्रबंधक सेतु निगम