हमीरपुर। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति ने 39 नए आवेदनों को बैंकों से वित्त पोषण के लिए अनुमोदित किया है। उपायुक्त देबश्वेता बनिक की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में इस योजना के 44 नए आवेदनों पर चर्चा की गई। इनमें से 39 आवेदनों को अनुमोदित कर दिया गया। जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन के बाद इन्हें बैंकों को भेजा जाएगा। इन प्रस्तावित उद्यमों में करीब आठ करोड़ 95 लाख रुपये का निवेश होगा और 173 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत इन उद्यमों के लिए प्रदेश सरकार की ओर से एक करोड़ 91 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में एक है। 18 से 45 वर्ष तक के पुरुष उद्यमी और 50 वर्ष तक की महिलाएं इसका लाभ उठा सकती हैं। इस योजना के तहत एक करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को बैंकों से वित्त पोषित करवाया जा सकता है।
इसमें 60 लाख रुपये तक की स्थिर पूंजी यानि भवन, प्लांट और मशीनरी पर पुरुष उद्यमियों को 25 फीसदी, महिलाओं को 30 फीसदी और विधवाओं के लिए 35 फीसदी तक सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त 60 लाख रुपये तक के ऋण पर तीन वर्षों तक पांच फीसदी की दर से ब्याज राशि भी सरकार वहन करती है।
उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार ने अब इस योजना में 18 नई गतिविधियों जैसे डेयरी विकास, दूध एवं दूध उत्पाद के लिए कोल्ड स्टोर, कृषि उपकरणों का निर्माण, रेशम प्रसंस्करण, साइलेज यूनिट, फार्म स्टे व फार्म टूरिज्म, पेट्रोल पंप, चार्जिंग स्टेशन और टिशु कल्चर प्रयोगशाला को भी शामिल किया है।
उपायुक्त ने जिले के युवाओं से इस योजना के माध्यम से अधिक से अधिक डेयरी और कोल्ड स्टोरेज यूनिट लगाने का आग्रह भी किया। कहा कि जिले में दुग्ध उत्पादन की अच्छी संभावनाएं हैं और एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत हमीरपुर के लिए दुग्ध उत्पादन को चुना गया है। जिला स्तरीय समिति की बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विजय कुमार चौधरी ने विभिन्न आवेदनों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एडीएम जितेंद्र सांजटा और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।