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तीन दिनों में हुई 36 एमएम बारिश, शनिवार को गिरे ओले

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हमीरपुर/भरुआसुमेरपुर/मौदहा/गहरौली। तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच शनिवार को मौदहा व मुस्करा क्षेत्र में हल्की ओलावृष्टि हुई। सरसों, राई, मटर, अरहर आदि फसलों में नुकसान की संभावना ज्यादा हो गई है। बारिश से खेत-खलिहान पानी से लबालब हो गए हैं। सबसे अधिक नुुकसान दलहनी व तिलहनी फसलों को है। मौसम विभाग के मुताबिक तीन दिन में 36 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है। वहीं तापमान अधिकतम 19 डिग्री व न्यूनतम 13 डिग्री सेंटीग्रेड हो गया है।
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तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। पशु-पक्षी बेहाल हो उठे हैं। शनिवार को बाजार में सन्नाटा दिखा। बंदी जैसे हालात रहे। आढ़तों में भी सन्नाटा रहा। अस्थायी गोशालाओं में बंद बेसहारा गोवंश बारिश में परेशान हैं। बारिश थमते ही किसान खेतों की तरफ दौड़ रहा है। बारिश से हुए नुकसान-फायदे का आंकलन करने में वह जुटा है। इस वर्ष किसानों ने 70 फ़ीसदी भू-भाग पर दलहन की फसलें बो रखी हैं। वहीं 20 फीसदी भू-भाग में तिलहन लहलहा रही है। गेहूं का रकबा 10 फीसदी सिमट गया है। कृषि रक्षा इकाई के तकनीकी सहायक अजित शुक्ला ने बताया कि अभी किसी फसल को नुकसान नहीं हुआ है। मौसम साफ होने पर दलहनी एवं तिलहनी फसलों में दोबारा फूल आ जाएगा। इससे उत्पादन दोगुना होगा। मौसम वैज्ञानिक मशहूर कवि घाघ की एक कहावत प्रचलित है कि अगहन चौगुना पूसै दून, माघ सवाई फागुन सून। गहरौली संवाद के अनुसार शनिवार शाम अचानक गड़गड़ाहट के साथ विकासखंड क्षेत्र के लोदीपुर, निवादा, बिवांर सहित करीब आधा दर्जन गांवों में बेर के बराबर 15 मिनट ओले गिरे। ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी हैं। किसान के चेहरे में हवाइयां उड़ने लगी हैं।
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