हमीरपुर। मौदहा तहसील के गढ़ा गांव में अजब कारानाम सामने आया है। जहां 29 मृतक सरकारी राशन की दुकान से खाद्यान्न ले रहे है। वही शादी होने के बाद अपनी ससुराल जा चुकी 74 युवतियों के नाम पर भी राशन वितरण किया जा रहा है। लक्ष्य बुंदेलखंड जन सेवा समिति के अध्यक्ष ने सदर एसडीएम को शिकायती पत्र दे जांच करा कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने कोटेदार पर मृतकों व विवाहित युवतियों के नाम का कुल 1100 क्विंटल खाद्यान्न हड़पने का आरोप लगाया है।
लक्ष्य बुंदेलखंड जन सेवा समिति के अध्यक्ष रविंद्र भारतवंशी ने एसडीएम राजेश चंद्र को दिए शिकायती पत्र में बताया कि गढ़ा गांव के उचित दर विक्रेता खाद्यान्न घोटाले को लेकर अक्सर चर्चा में रहते है। बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर दोषी पाए जाने पर सरकारी राशन की दुकान 14 जून 2007 को तत्कालीन मौदहा एसडीएम द्वारा निलंबित की गई थी। साथ ही मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। वहीं मामले में आयुक्त चित्रकूट धाम द्वारा कोटेदार को हर तीन माह में राशन वितरण का सत्यापन कराने के आदेश दिए गए थे। लेकिन विभागीय मिली भगत से ऐसा कोई काम नहीं कराया गया। बल्कि मृतकों व विवाह होने के बाद ससुराल जा चुकी युवतियों के नाम का खाद्यान्न कार्ड धारक को न देकर खुद हड़पने का काम किया गया। भारतवंशी ने हलफनामा दे बताया कि गांव में 29 मृतकों के नाम राशन कार्डों में दर्ज है। जिनकी अलग-अलग समय में मौत हो चुकी। इसी प्रकार 74 युवतियों के नाम दर्ज है। जिनकी शादी हो चुकी है। इनके नाम का खाद्यान्न कोटेदार राम नरायन कार्ड धारकों को न दे खुद हड़प लेता है। आरोप लगाया कि शिकायत करने वालों को कार्ड बंद करवा राशन न देने की धमकी दी जाती है।
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जिला पूर्ति अधिकारी बीके शुक्ला ने बताया कि जिन मृतकों के नाम बताए जा रहे हैं, उनको हटाया चुका है। दुकान डेढ़ माह पहले ही निलंबित हो चुकी है। कोटेदार को नोटिस जारी किया जा चुका है लेकिन समयावधि में नोटिस का अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। जवाब मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।