फोटो 19 एमएएचपी 08 परिचय-लहचूरा बांध से अर्जुन सहायक नहर में छोड़ा गया पानी। संवाद
- फोटो : मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण करते चिकित्सक। स्रोत: विभाग
महोबा। यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित लहचूरा बांध में क्षमता से जयादा पानी आने पर 24 घंटे में अर्जुन सहायक नहर में 2,600 व धसान मुख्य कैनाल में 800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सिंचाई विभाग बांध की लगातार निगरानी कर रहा है। दो-दो घंटे में जलस्तर की नाप कराकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
लहचूरा बांध यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित है। जनपद झांसी में स्थित पहाड़ी बांध से दो हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने व आसपास क्षेत्र में हुई बारिश का पानी पहुंचने से लहचूरा बांध लबालब हो गया है जबकि बांध में पहले से ही पर्याप्त पानी था। बांध की न्यूनतम भंडारण क्षमता 179.83 मीटर और अधिकतम भंडारण क्षमता 182.30 मीटर है। वर्तमान में बांध का जलस्तर 182.10 मीटर पहुंच गया है।
स्थिति को देखते हुए लहचूरा बांध से अर्जुन सहायक नहर का फाटक डेढ़ फीट ऊंचाई से खोलकर 2,600 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। अर्जुन सहायक नहर का यह पानी तहसील चरखारी के अस्थौन गांव के निकट स्थित अर्जुन बांध में पहुंच रहा है। ऐसे में अर्जुन बांध का भी जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं धसान मुख्य कैनाल में 800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। धसान मुख्य कैनाल में छोड़ा गया पानी महोबा के काशीपुरा, धवार, लिलवा आदि गांवों से होता हुआ हमीरपुर के राठ क्षेत्र में पहुंच रहा है।
राठ क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में धान की फसल होती है। ऐसे में यह पानी धान की पैदावार करने वाले किसानों को उपलब्ध होगा। लहचूरा बांध के अवर अभियंता रामआसरे का कहना है कि बांध का जलस्तर और बढ़ने से अतिरिक्त पानी अर्जुन सहायक नहर व धसान मुख्य फीडर में छोड़ा जा रहा है।