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Hamirpur News: डकैती के मामले में दोषी को 10 साल का कठोर कारावास.

Fri, 27 Feb 2026 12:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
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अतरौलिया टीला राठ में दीनदयाल के घर वर्ष 2009 में पड़ी थी डकैती
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हमीरपुर। डकैती कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने बृहस्पतिवार को डकैती के आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसी के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
राठ थाना क्षेत्र के अतरौलिया टीला निवासी दीनदयाल ने 22 मई 2009 को पुलिस को शिकायती पत्र दिया था। बताया था कि 21/22 मई की रात करीब डेढ़ बजे आठ से दस बदमाश घर में घुस आए थे। बदमाशों ने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट कर घर में रखे सोने-चांदी के जेवर और करीब 70 हजार रुपये नगद लूट लिए थे। घटना में दीनदयाल, उनके पुत्र गनेशीलाल और पुत्री सोमवती गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद घायलों को सरकारी अस्पताल राठ ले जाया गया, वहां गनेशीलाल की हालत गंभीर होने पर झांसी रेफर कर दिया गया। पुलिस ने प्राथमिक दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने आरोपी हरी कोरी निवासी मियापुर थाना राठ के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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सुनवाई के दौरान वादी दीनदयाल और घायल गनेशीलाल ने अदालत में गवाही दी और आरोपी की पहचान की। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी हरी कोरी को धारा 395 और 412 में 10 -10 वर्ष के कठोर कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं धारा 397 के तहत सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने आदेश दिया कि मुकदमे के दौरान जेल में बिताई गई अवधि सजा की अवधि में समायोजित की जाएगी। सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी।







पुलिस पर जानलेवा हमले के दोषी को आठ साल की सजा


हमीरपुर। पुलिस टीम पर फायर करने और अवैध हथियार रखने के मामले में विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आठ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर जुर्माना भी लगाया है।
राठ थाना पुलिस एक अगस्त 2009 को क्षेत्र में वांछित अपराधियों की तलाश में गश्त कर रही थी। इसी दौरान औडेरा पुलिया के पास एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। पुलिस के टोकने पर उसने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायर कर दिया। अचानक हुए फायर से पुलिस टीम बाल बाल बच गई। पुलिस ने पीछा कर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम हरी कोरी निवासी मोहल्ला मियांपुरा, कस्बा राठ बताया। तलाशी में उसके पास से एक 12 बोर का तमंचा, एक खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस और एक हजार रुपये बरामद हुए।
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पूछताछ में आरोपी ने पूर्व में दीनदयाल के घर हुई डकैती की घटना में भी शामिल होने की बात स्वीकार की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की। इसके बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी हरी कोरी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। धारा 307 के तहत आठ वर्ष के कारावास और तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं 10/12 डीएए एक्ट के तहत भी आठ वर्ष के कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
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