उत्तरप्रदेश के मंत्री आजम खां मौजूद सियासत से खासे नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार के दिल्ली का सपना देखने पर एतराज तो होगा ही।
समाजवादी सरकार ही सियासत के इकबाल को बरकरार रखने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सियासत का स्तर बेहतर होगा तभी देश व समाज बेहतर होगा। देखा जाए तो पिछले साठ सालों में सियासत का स्तर लगातार गिरता जा रहा है।
अब तो महिला राजनेताओं की भाषा भी शर्मसार करने वाली होती जा रही है। कानून भी व्यवस्था के हाथों लाचार हो चुका है।
पिछली सरकार की मुखिया तो वर्तमान सरकार को चेतावनियां दे रही हैं, जबकि उनके समय में सबसे ज्यादा यूपी में एक वर्ग के अलावा किसी का फायदा होना तो दूर सुनवाई तक नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि सियासत में ओछापन बढ़ता जा रहा है।
आजम ने अफसोस जताते हुए कहा कि बसपा सरकार ने तो हद कर दी थी। एक मुसलमान सियासी लीडर को शराब के साथ हज का महकमा देकर बसपा ने अपनी नियत जाहिर कर दी।
सियासत की लालच में एक मुसलमान ने हराम काम को भी इज्जत समझ लिया।
आजम खां ने उच्च न्यायालय की कब्रिस्तानों की चारदीवारी कराने पर रोक पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वक्फ को लेकर सरकार काफी चिंतित है।
इसी के साथ दिल्ली समेत अन्य प्रदेश में बच्चियों के साथ ही रही अमानवीय घटनाओं पर भी उन्होंने अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि मासूमों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह से सतर्क है।