निश्चित तौर पर महंगाई के इस दौर में किचन का बजट डंवाडोल हो गया है। इसको बैलेंस करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इसके बावजूद गृहणियों की इस बजट से सिर्फ महंगाई के कम होने की नहीं बल्कि महिलाओं को ध्यान में रखते हुए कुछ नए प्रावधान करने की अपेक्षा है।
एक बेटी की मां को मिले विशेष छूट
महंगाई की वजह से घर का बजट तो गड़बड़ा गया है। कुछ समय पहले तक तो महंगाई इतनी ज्यादा थी कि सामंजस्य बिठा पाना काफी मुश्किल हो गया था। अब थोड़ी सी राहत है, लेकिन इससे इतर महिलाओं, खासकर गृहणियों के सामने कई अन्य तरह समस्याएं हैं। अपेक्षा है कि इस बजट में गृहणियों को ध्यान रखकर विशेष प्रावधान किए जाए। आज के समय में देखा जाए तो जनसंख्या सबसे बड़ी समस्या है। अगर इस पर नियंत्रण के लिए कोई महिला सिर्फ एक बेटी का परिवार रखने का निर्णय लेती है तो उसे विशेष छूट दिया जाना चाहिए। चाहे टू-व्हीलर में छूट की बात हो या मेडिकल या सामान्य इंश्योरेंस पॉलिसी। इन सभी में महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किया जाना चाहिए।
सीमा गोयल, गृहणी
घरेलू सामानों की कीमत निर्धारित हो
पिछले एक साल के दौरान कई आवश्यक चीजों की कीमतें इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि लग रहा था कि सरकार का इन चीजों पर नियंत्रण ही नहीं रह गया है। महंगाई बेतहाशा बढ़ गई थी, जबकि पिछले बजट के दौरान सरकार ने घोषणा की थी कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए विशेष कोष का इंतजाम किया जाएगा। ऐसे में सरकार को चाहिए कि बजट में घरेलू सामानों की कीमत निर्धारित कर दी जाए। अगर ऐसा होता है तो महंगाई काबू में रहेगी। इसके साथ ही अब किचन की आवश्यकताएं काफी बढ़ गई हैं। रोज नई-नई चीजें शामिल हो जाती हैं। ऐसे में किचन का बजट भी काफी बढ़ गया है। इलेक्ट्रानिक्स चीजों की किचन में भरमार हो गई है। इसलिए इनकी कीमतें कम होनी चाहिए।
रुचिता जगनानी, गृहणी
महिलाओं को ध्यान में रखते हुए बने हेल्थ और इंश्योरेंस पॉलिसी
आज के समय में जितना महत्वपूर्ण मुद्दा महंगाई है, उससे ज्यादा स्वास्थ्य और इंश्योरेंस समय की जरूरत है। भाग दौड़ की इस जीवन में जहां महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ गई हैं। ऐसे में बजट कुछ ऐसा होना चाहिए कि न सिर्फ महंगाई काबू में रहे बल्कि लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रावधान किए जाएं। जीवन रक्षक दवाओं की कीमत कम होनी चाहिए। वहीं आम आदमी पर इसका बोझ कम हो सके, हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में कई अन्य चीजों को शामिल किया जाना चाहिए। तभी इसका आम लोगों को लाभ मिल सकेगा। इस बजट से काफी अपेक्षाएं हैं, उम्मीद है पूरी भी होगी।
वीणा बंका, गृहणी
एक्सपर्ट कमेंट
बजट से हर समाज की काफी अपेक्षाएं होती हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि लोगों की सबसे बड़ी अपेक्षा गुड गवर्नेंस की है। यूथ को स्टार्ट अप इंडिया प्रोग्राम से अपेक्षा है तो डेवलपर भी बजट से कई उम्मीद लगाए हुए हैं। सरकार बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ जैसी योजना पर काम कर रही है, ऐसे में महिलाओं को भी बजट से काफी अपेक्षाएं हैं। रोज किचन में सामान बढ़ रहा है, ऐसे में महिलाओं का किचन का ध्यान रखते ही बेहतर बजट की अपेक्षाएं लाजमी है। आम आदमी भी टैक्स में छूट, रेल सफर के दौरान बेहतर सुविधाएं की अपेक्षाएं रखे हुए हैं। इसके लिए लोग टैक्स देने के लिए तैयार हैं। इन सबके बावजूद लोग महंगाई से किसी भी तरह का समझौता नहीं करना चाहते हैं। जनमानस इसको कभी स्वीकार नहीं करेगा। इसलिए सरकार को राजस्व घाटे को कम करना चाहिए, क्योंकि जितना घाटा बढ़ेगा, महंगाई उतनी बढ़ेगी।
श्रीवर्द्धन पाठक, शिक्षक, कॉमर्स, गोरखपुर विश्वविद्यालय