कनेक्शन को लेकर नगरीय विद्युत वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन दफ्तर पर मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। करीब एक घंटे तक चले इस हंगामे के दौरान उपभोक्ता ने एक्सईएन पर गंभीर आरोप लगाए तो वहीं महकमे के अफसर-कर्मचारियों ने जुर्माना नहीं जमा करने को लेकर दबाव बनाने की बात कह उसे एवं उसके भाई को घेर लिया। उपभोक्ता के फोन करने पर उनके समर्थन में कुछ और लोगों के पहुंचने पर मामला ठंडा हुआ।
लक्ष्मीकांत राय का देवरिया बाईपास पर गरुण बाजार नाम से सुपर मार्के ट है। उनका कहना है कि कनेक्शन के लिए उन्होंने 30 अप्रैल को आवेदन करने के साथ ही फीस भी जमा कर दी थी। विभाग के नियम के मुताबिक 70 किलोवाट का कनेक्शन होने से ट्र्रांसफार्मर के लिए अपने खर्च पर तार और खंभे भी लगवा दिए, मगर अभी तक उनका कनेक्शन नहीं लगा। एक महीने से जेनरेटर के सहारे वह काम चला रहे हैं। बुधवार को इसी की शिकायत करने वह एक्सईएन एके श्रीवास्तव के पास पहुंचे थे मगर वे कनेक्शन के लिए 35 हजार रुपये की मांग करने लगे। जब उन्होंने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करने को कहा तो उन्होंने उनका मोबाइल छीनने के साथ ही उनके साथ बदसलूकी की। विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर उन्होंने उन्हें बंधक बना लिया।
वहीं एक्सईएन का कहना था कि कनेक्शन मिलने के पहले ही उपभोक्ता ने बिजली जोड़ ली थी। पांच मई को विजिलेंस की टीम ने उन्हें पकड़ लिया और करीब 35 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। वह यह जुर्माना नहीं जमा करना चाहते थे और इसीलिए उनपर दबाव बना रहे थे। उन्होंने सिर्फ कनेक्शन के लिए एग्रीमेंट पेपर लाने को कहा था। घूस मांगने और बंधक बनाए जाने संबंधी सभी आरोप बेबुनियाद हैं।