उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले की बेटियों ने बाजी मारी है। बेटियां जितनी बड़ी हैं, उतनी आगे बढ़ी हैं। हाईस्कूल के परीक्षा परिणाम में लड़कों की अपेक्षा लड़कियां छह फीसदी आगे रहीं, जबकि इंटर में वे 13 फीसदी लड़कों से अधिक उत्तीर्ण हुई हैं। यही हाल जिले की टॉप 10 मेरिट लिस्ट का भी है। इसमें भी बेटियों का दबदबा है। हाईस्कूल की मेरिट लिस्ट में जहां 12 बेटियों ने जगह बनाई है वहीं इंटर की मेरिट में 18 बेटियों के नाम शामिल हैं। हालांकि बेटों के लिए भी खुश होने की वजह है। हाईस्कूल ही नहीं, इंटर में भी बेटों ने सिटी टॉप किया है।
हाईस्कूल की परीक्षा में महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के अनुपम सिंह ने सिटी टॉप किया है। उन्हें 92.17 फीसदी मार्क्स मिले हैं। न्यू सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरगदही गुलरिया बाजार के मिथिलेश गुप्ता ने 92 फीसदी मार्क्स हासिल कर शहर में दूसरा स्थान निकाला, जबकि आरडीआईसी झझवा पोखरा के शत्रुघ्न कुमार विश्वकर्मा ने 91.83 फीसदी मार्क्स लाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
हाईस्कूल में लड़कियों में कार्मल गर्ल्स इंटर कॉलेज की अर्पिता सिंह सिटी टॉपर बनी हैं। अर्पिता को 91.50 फीसदी मार्क्स मिले हैं, जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा में एमएसआई इंटर कॉलेज के अमन मौर्या ने सिटी टॉप किया है। उन्होंने 90 फीसदी मार्क्स हासिल किया। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के शशांक श्रीवास्तव ने 89.80 फीसदी और कार्मल गर्ल्स इंटर कॉलेज की आकांक्षा श्रीवास्तव ने 89.60 फीसदी मार्क्स हासिल कर क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया है। कार्मल की आकांक्षा ने इंटरमीडिएट में लड़कियों के संवर्ग में टॉप किया है।
टॉप 10 में जगह नहीं
यूपी के टॉप 10 मेधावियों की सूची में गोरखपुर के एक भी विद्यार्थी को जगह नहीं मिल सकी। लड़के और लड़कियों को जरूरत से कम मार्क्स मिले हैं। इंटरमीडिएट का तो एक भी विद्यार्थी 90 फीसदी से ज्यादा मार्क्स हासिल नहीं कर सका।
यूपी की मेरिट में सिर्फ महराजगंज के प्रिंस
गोरखपुर मंडल के महराजगंज जिले के प्रिंस विश्वकर्मा ने हाईस्कूल की यूपी मेरिट लिस्ट में जगह बनाई है। आरपीएचएस बीजापार सीसवा बाजार के विद्यार्थी ने 600 में से 559 मार्क्स हासिल किए हैं। उनका उत्तीर्ण फीसदी 93.17 है। देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थ नगर के विद्यार्थियों को भी यूपी की मेरिट में जगह नहीं मिल सकी।
निचले पायदान पर रैंकिंग
उत्तीर्ण फीसदी के हिसाब से रिजल्ट की जो रैंक बनाई गई है, उसमें यूपी में गोरखपुर की रैंक निचली है। हाईस्कूल के रिजल्ट में जिले की रैंकं 48वीं है, जबकि इंटरमीडिएट में 56वीं। यह रैंक खराब मानी जाती है।
20 हजार 521 विद्यार्थियों ने छोड़ी थी परीक्षा
जिले के एक लाख 65 हजार 149 विद्यार्थियों ने हाईस्कूल, इंटरमीडिएट में दाखिला लिया था, लेकिन सख्ती की वजह से 20 हजार 521 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी थी। एक लाख 44 हजार 628 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनके नतीजे रविवार को घोषित किए गए। पहली बार परीक्षा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराई गई थी। यह भी पहला मौका है जब परीक्षा के नतीजे सीबीएसई और सीआईएससीई से पहले घोषित किए गए।
गोरखपुर का रिजल्ट
हाईस्कूल
कुल पंजीकृत- 90117
परीक्षा छोड़ी-11937
परीक्षा दी- 78180
उत्तीर्ण हुए- 57608
रिजल्ट- 73.69 फीसदी
लड़के उत्तीर्ण- 70.81 फीसदी
लड़कियां उत्तीर्ण- 76.9 फीसदी
इंटरमीडिएट
कुल पंजीकृत- 75032
परीक्षा छोड़ी-8584
परीक्षा दी- 66448
उत्तीर्ण हुए- 44925
रिजल्ट- 67.61 फीसदी
लड़के उत्तीर्ण- 61.3 फीसदी
लड़कियां उत्तीर्ण 74.11 फीसदी
गुदड़ी के लाल भाइयों ने लहराया परचम
पिता के सपने को पूरा करने का जज्बा और उनके दर्द को समझकर कुछ कर गुजरने की लालसा ने अभिषेक और अभय को अच्छे अंक दिलाए तो घरवाले भी गदगद हो गए। सहारा इस्टेट के पास किराए के मकान में रहने वाले मदन लाल अग्रहरि फेरी करके फोफी बेचते हैं। इसी कमाई से वह दो बेटों और दो बेटियों को पढ़ा रहे हैं। उनके इस दर्द को बच्चों ने भी समझा और बेहतरीन मार्क्स हासिल करके झंडा गाड़ा है।
महात्मा गांधी इंटर कॉलेज से पढ़ाई करने वाले अभय प्रताप अग्रहरि ने हाईस्कूल में 78.33 फीसदी मार्क्स हासिल किए हैं। अंग्रेजी में उन्हें 88 तो मैथमेटिक्स में 72 मार्क्स मिले हैं। साइंस में भी 71 मार्क्स लाकर उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है। अभय का इरादा इंजीनियर बनना है। इसके लिए वह आगे और कड़ी मेहनत से पढ़ाई करना चाहते हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई बाद आईएएस की तैयारी का इरादा है। बड़े भाई अभिषेक अग्रहरि ने भी 81 फीसदी मार्क्स हासिल करके माता-पिता का नाम रोशन किया है।
अभिषेक का इरादा आईआईटी से बीटेक करना है। वह इसकी तैयारी भी कर रहे हैं। कड़ी मेहनत का ही नतीजा है कि अभिषेक को फिजिक्स (88 मार्क्स), केमिस्ट्री (83), अंग्रेजी (76) और हिंदी में 86 मार्क्स के साथ डिक्टेंसन हासिल किया है। अभिषेक का कहना है कि पिता को साइकिल से फोफी बेचते देखता हूं तो कष्ट होता है। पिता का सपना है कि बड़ा विज्ञानी बनूं। इसीलिए आईआईटी से बीटेक करने की ठानी है। इसके लिए कठिन परिश्रम भी कर रहा हूं। अभिषेक को शतरंज खेलना पसंद है, जबकि अभय को मोबाइल पर गेम खेलने का शौक है। दोनों की बड़ी बहनें शिवांगी बीए द्वितीय और छोटी बहन काजल कक्षा पांच में पढ़ती हैं।