लगन हो तो अभाव और चुनौतियां लक्ष्य तक पहुंचने में बाधक नहीं बन सकते। इस कथ्य को इस दफा सच साबित किया है शहर की बेटी नीतू ने। पिता की सीमित पगार और झोपड़ीनुमा रिहाइश के बीच इंटर में यूपी बोर्ड की परीक्षा 87 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की है।
नीतू के पिता मनोज कुमार रेलवे बस स्टैंड पर चतुर्थ श्रेणी संविदा कर्मचारी हैं। बतौर तनख्वाह महज पांच हजार रुपये मासिक हासिल करने वाले मनोज के पास रिहाइश के नाम पर रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम के पास झोपड़ी जैसा परिसर है। मनोज की पत्नी संजू नीतू व बाकी बच्चों की परवरिश में पढ़ाई पर खासा ध्यान देती हैं।
मनोज और संजू के सपनों को सच किया नीतू के रिजल्ट ने जब पता चला कि बेटी ने सभी विषयों में विशेष योग्यता के साथ इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की है।
एआरएम उठाएंगे पढ़ाई का खर्च
रोडवेज के एआरएम महेश चंद्र ने नीतू का रिजल्ट जानने के बाद की आगे की पढ़ाई का खर्च उठाने का एलान किया है। उन्होंने बताया कि न सिर्फ नीतू व घर के सभी सदस्यों को मुलाकात करते प्रोत्साहित किया बल्कि विश्वास दिलाया है कि भविष्य में उसकी पढ़ाई का खर्च उठाकर आगे बढ़ने लायक माहौल देंगे।