मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस संचालकों की झड़प के दौरान जमा भीड़
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मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज हुए मरीज को घर लेे जाने के लिए शनिवार को दो एंबुलेंस संचालक एक-दूसरे से भिड़ गए। मामला इतना बढ़ गया कि नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। दूसरे कर्मचारियों ने बीच बचाव कर मामले को शांत कराया।
दरअसल, मेडिकल कॉलेज में प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों को जमावड़ा लगा रहता है, जो बेहतर सुविधा का झांसा देकर तीमारदारों को फंसा लेते हैं। वहीं कई तीमारदार तो यह जान ही नहीं पाते कि जिस एंबुलेंस का वह इस्तेमाल करने जा रहे हैं वह प्राइवेट है। क्योंकि मेडिकल कॉलेज के कई कर्मचारी जो इस धंधे के संचालक है, उनकी पैरवी करने लगते हैं।
शनिवार को भी कुछ यही हुआ। वार्ड नंबर नौ मेडिसिन विभाग से एक मरीज डिस्चार्ज हुआ। उसी वार्ड में कार्यरत एक वार्ड व्वाय का प्राइवेट एंबुलेंस चलता है। वह मरीज को घर ले जाने की बात तय कर ही रहा था कि दूसरा प्राइवेट एंबुलेंस संचालक भी वहां आ गया और उससे सस्ते दर पर ले जाने की बात कहने लगा। इसी बात पर दोनों भिड़ गए, और हाथापाई शुरू हो गई। मामला पुलिस चौकी तक भी पहुंचा था मगर शाम तक सब कुछ मैनेज हो गया।