फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुद जाते हैं बाहर, दूसरे को करते हैं मना

Mon, 04 Jul 2016 12:53 AM IST
अनुपम सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर।
विज्ञापन
शौचालय - फोटो : file Photo
विज्ञापन
फिल्म एक्ट्रेस विद्या बालन पूरे दिन रेडियो, टीवी चैनलों, एफएम आदि पर सोच बदलने के लिए प्रेरित करती हैं। प्रधानमंत्री भी भारत को स्वच्छ बनाने की अपील करते रहते हैं। जनजागरण के नाम पर करोड़ों का बजट भी खर्च हो रहा है, इसके बावजूद ग्राम स्तर पर स्वच्छता अभियान के कर्णधारों (सफाई कर्मी) के घरों में ही शौचालय नहीं है।
विज्ञापन


जिले में ऐसे सफाई कर्मियों की तादाद एक-दो नहीं, बल्कि सैकड़ों में हैं। डीपीआरओ कहते हैं कि 14 सौ सफाई कर्मचारियों के यहां शौचालय नहीं हैं। आश्चर्य तो यह है कि इन कर्मचारियों ने कभी इसके लिए आवेदन ही नहीं किया। ऐसे में जिले में स्वच्छ भारत मिशन की परिकल्पना कितनी साकार हो रही है, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

गोरखपुर में करोड़ों रुपये प्रति वर्ष स्वच्छ भारत मिशन पर खर्च किए जा रहे हैं। गत वर्ष में नौ करोड़ रुपये खर्च हुए। इस वित्तीय वर्ष में भी करीब तीन करोड़ रुपये पंचायती राज विभाग को मिल चुके हैं। इनमें शौचालय निर्माण और जागरूकता अभियान पर करीब दो करोड़ खर्च भी हो चुके हैं। जिले को स्वच्छ रखने के लिए करीब 31 सौ सफाई कर्मी नियुक्त हैं, मगर इनमें से करीब 14 सौ सफाईकर्मियों के अपने घर में शौचालय नहीं हैं।
विज्ञापन


मुझे सरकार की योजना के बारे में पता नहीं था। अगर पता होता तो मैं पहले ही शौचालय बनवा चुका होता। खैर अब जल्द से जल्द इस काम को पूरा करूंगा। 
- सोमनाथ, सफाई कर्मी, जंगल कौड़िया

हमें शौचालय निर्माण की सरकारी मदद की जानकारी नहीं है। इसी के चलते हमने कभी इसके निर्माण के लिए प्रयास ही नहीं किया।
- पंचम, सफाई कर्मी, जंगल कौड़िया

विभागीय कर्मचारी लोगों को खुले में शौच से परहेज के लिए जागरूक करते हैं। गांव वालों के लिए शौचालय भी बनवाया जाता है। जिले में करीब 14 सौ सफाई कर्मी ऐसे हैं, जिनके पास शौचालय नहीं है। इन सफाई कर्मियों ने शौचालय निर्माण के लिए आज तक आवेदन भी नहीं किया।
विज्ञापन

- आरके भारती, जिला पंचायत राज अधिकारी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें