यहां पर्यटन केंद्र पर ताला, आइएगा नहीं
गोरखपुर। अगर आप पर्यटन के बारे में जानकारी चाहते हैं या उस लिहाज से स्टेशन पहुंचे हैं तो वहां पर्यटन केंद्र पर मत जाइएगा। ट्रेनों की जानकारी बताने वाला कोई नहीं मिलेगा। यहां लंबे समय से ताला लटका है। पर्यटन विभाग ने केंद्र का सुंदरीकरण तो करा दिया, लेकिन ड्यूटी के लिए कर्मचारी ही नहीं हैं।
स्टेशन पर रोजाना पर्यटक इधर-उधर भटकते मिलेंगे। सबसे ज्यादा दिक्कत विदेशी पर्यटकों को होती है। यात्री मित्र कार्यालय पर कुछ हद तक उन्हें बता दिया जाता है लेकिन विदेशी पर्र्यटकों को समझा पाना आसान नहीं होता है। जगह देने के लिए रेलवे प्रशासन सालाना किराया भी लेता है. अब खर्च होता है तो पर्यटन विभाग की बला से।