वाहनों में फास्टैग को अनिवार्य करने के पहले दिन ही तेनुआ टोल प्लाजा पर जाम लग गया। बिना फास्टैग वाली लेन में गाड़ियों का जमावड़ा लग गया। जबकि सही जानकारी न होने से तमाम चालक वाहन को लेकर गलत लेन में चले गए। इससे वाहनों को मोड़कर सही लेने में लाने में टोल कर्मचारियों को पसीना आ गया। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पहले दिन नौ टोल प्लाजा से निकलने वाले करीब 40 फीसदी वाहन मालिकों ने फास्टैग के जरिए भुगतान किया है।
नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एचएचएआई) गोरखपुर परिक्षेत्र के परियोजना प्रबंधक एसपी पाठक का कहना है कि वाहन मालिकों की सुविधा को देखते हुए व्यस्त टोल प्लाजा पर कैश लेन बढ़ाई गई है। हर वाहन मालिक से सामान्य शुल्क लिया जाएगा। कैश लेन से जाने वाले किसी भी वाहन मालिक से दोगुना टैक्स नहीं लिया जाएगा। टोल प्लाजा की 25 फीसदी लेन कैश भुगतान वाली होगी।
गोरखपुर परिक्षेत्र में नौ टोल प्लाजा हैं। परियोजना प्रबंधक के मुताबिक तेनुआ, बस्ती शहर, रुधौली, सलेमगढ़ और हेतिमपुर टोल प्लाजा व्यस्ततम की श्रेणी में शामिल हैं। इन पर सोमवार से 25 फीसदी कैश लेन की जाएगी। परिक्षेत्र के हड़वा, छपवा, नयनसर और अच्छदा टोल प्लाजा पर वाहनों का दबाव कम रहता है। इस कारण एक कैश लेन रखी गई है। जैसे ही वाहनों का दबाव बढ़ेगा, कैश लेन बढ़ा दी जाएंगी।
उधर तेनुआ टोल प्लाजा पर कुल दस लेन में से आठ को फास्टैग लेन बनाया गया है। रविवार की दोपहर में आधा घंटा में फास्टैग लगी 63 गाड़ियां और बिना फास्टैग की की 114 गाड़ियां टोल प्लाजा से गुजरीं। कई चालकों को काउंटर और लेन के बारे में जानकारी नहीं थी।
बिना फास्टैग लगी गाड़ियों को मैनुअल काउंटर वाली लेन में मोड़ने के लिए टोल प्लाजा के कर्मचारियों को छक्के छूट गए। इससे जाम लग गया और टोल पर वाहन मालिकों को आधा से एक घंटा तक रुकना पड़ा। हर दिन इस टोल प्लाजा से नौ से 10 हजार गाड़ियां गुजरती हैं।
टोल प्लाजा के मैनेजर नवीन कुमार शर्मा ने बताया कि अभी लगभग 50 प्रतिशत गाड़ियों में फास्टैग नहीं लग पाए हैं। टोल प्लाजा पर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन पेपर, चालक का लाइसेंस और फोटो लेकर फास्टैग कार्ड बनाया जा रहा है।