जिला अस्पताल में तय समय सीमा का हवाला देकर इलाज और जांच बंद कर दिए जाने से मरीजों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। बुधवार को पैथोलॉजी लैब ग्यारह बजे ही बंद हो गई और तमाम मरीज निराश लौट गए।
अस्पताल में बीते एक सप्ताह से पैथोलॉजी लैब में समय को लेकर सख्ती शुरू हुई है। चूंकि समय को लेकर जब एसआईसी सख्त हुए तो हाजिरी को लेकर कर्मचारियों से विवाद हो गया। इसके बाद से कर्मचारी भी तय समय का हवाला देकर ग्यारह बजे के बाद ब्लड सैंपल नहीं ले रहे हैं। इससे दूर से आने वाले मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
कई मरीजों ने इसकी शिकायत एसआईसी से भी की मगर समय की पाबंदी के आगे कुछ कर पाने में उन्होंने असमर्थता जाहिर कर दी। जिम्मेदार डॉक्टर अब मरीजों को निर्धारित समय बताने में ही भलाई समझ रहे हैं। वहीं कई मरीज एसआरएल लैब पहुंचकर जांच की जिद करने लगे। मगर वहां वही जांच हो सकती है जो अस्पताल में मौजूद नहीं है। ऐसे में कई मरीज बिना जांच ही लौट गए।
शासन को भेजी गई रिपोर्ट
जिला अस्पताल में कर्मचारियों के धरने और प्रभावित हो रहे कामों का हवाला देते हुए एसआईसी ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है। रिपोर्र्ट में कुछ कर्मचारियों का नाम लिखते हुए उन पर अस्पताल की शांति व्यवस्था बिगाड़ने का भी आरोप लगाया है। शासन से इस मामले में दो डॉक्टर समेत आठ कर्मचारियों की गैर जनपद में तबादले की मांग की गई है।
अस्पताल में मरीजों के हित में काम करना प्राथमिकता है। डॉक्टर और कर्मचारी की भी यह जिम्मेदारी होती है कि वह मरीज हित में काम करें, मगर कुछ लोग हैं, जिसकी वजह से अस्पताल की शांति व्यवस्था प्रभावित हो रही है और मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे लोगों की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है और मरीजों को दिक्कत हुई तो फिर से पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
- डॉ. एचआर यादव, एसआईसी