बजट समाप्त होने से मेडिकल कॉलेज में दवा और सर्जिकल सामान के खत्म होने से आए इलाज के संकट को दूर करने के लिए चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री राधेश्याम सिंह आगे आए हैं। ‘अमर उजाला’ के बुधवार के अंक में छपी खबर को संज्ञान में लेते हुए राज्य मंत्री ने विभाग के विशेष सचिव से फोन पर बात की और बजट राशि बढ़ाकर इस समस्या का समाधान करने को कहा।
राज्य मंत्री राधेश्याम सिंह ने बताया कि बुधवार को ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर से उन्हें यह जानकारी मिली कि मेडिकल कॉलेज में दवा और सर्जिकल सामान खत्म हो गए हैं। ऐसा बजट में आवंटित धनराशि के खत्म होने से हुआ है। इसके बाद राज्यमंत्री ने प्राचार्य से इस संबंध में विस्तृत जानकारी ली। प्राचार्य ने उन्हें बताया कि शासन को बजट की दिक्कत के बारे में लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है।
उसके बाद मंत्री ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के महानिदेशक डॉ. वीएन त्रिपाठी और विशेष सचिव अरिमर्दन भट्टाचार्य से बात की और मेडिकल कॉलेज को अतिरिक्त धन उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने बताया कि पहले उन्होंने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा से बात करने का प्रयास किया लेकिन उनके विदेश यात्रा पर होने से बात नहीं हो सकी। इस कारण विशेष सचिव से ही चर्चा करनी पड़ी।
राधेश्याम सिंह ने बताया कि वैसे तो कॉलेज को दवा और सामान के मद में छह करोड़ और असाध्य रोग के इलाज के मद में तीन करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन यदि इसके बाद भी धन की जरूरत है तो उसे उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सपा सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सजग और सचेत है।