सावन के तीसरे सोमवार को मुक्तेशवर नाथ मंदिर में जल चढाते श्रद्धालू।
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सावन के तीसरे सोमवार पर इंद्र देवता की कृपा हुई और रिमझिम फुहारों के बीच शिव मंदिर और शिवालयों में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। सावन के तीसरे सोमवार पर भोलेनाथ को अपनी श्रद्धा निवेदित करने के लिए श्रद्धालु बड़े सबेरे स्नान-ध्यान के बाद आसपास के शिव मंदिरों में पहुंचने लगे। उन्होंने वहां लगी स्थायी और अस्थाई दुकानों से भांग-धतूरा, बेलपत्र और फूल-माला खरीदा, जिसे महादेव को समर्पित किया।
इस दिन बहुत से श्रद्धालुओं ने वेदमंत्रों के पाठ के साथ जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। संयुक्त रूप से रुद्राभिषेक कर बहुत से श्रद्धालुओं ने भगवान से मंगल कामना की। रह-रहकर हो रही रिमझिम बारिश के बीच शहर के महादेव झारखंडी, गोरखनाथ के पास मौजूद मानसरोवर मंदिर, माता मातेश्वरी पंचपेड़वा समेत शहर के सभी छोटे-बड़े शिवालयों में देर रात तक श्रद्धालुओं के पहुंचने और दर्शन-पूजन करने का सिलसिला चलता रहा।