सियासत के अखाड़े में पहलवान ने दी पटखनी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अखाड़े में अपनी ताकत और दांव-पेंच के बल पर विरोधियों को शिकस्त देने वाले अंतर्राष्ट्रीय पहलवान सियासत के अखाड़े में अपने प्रतिद्वंद्वियों को चारों खाने चित कर जिले की सबसे बड़ी पंचायत में पहुंचने में कामयाब हो गए। वहीं, भोजपुरी लोक गीतों के माध्यम से अपनी पहचान बनाने वाली एक गायिका ने भी जिला पंचायत में जीत का परचम लहराया है।
जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में धनबली, बाहुली, छात्रनेता से लेकर विभिन्न आंदोलनों का नेतृत्व करने वाले नेताओं ने अपनी दावेदारी की थी। उसी में से कई पहलवानों ने भी ताल ठोकी थी। अखाड़े में दिग्गजों को धूल चटाकर सुर्खियां बटोरने वाले मायाशंकर शुक्ला ने भारत से लेकर विदेशों में भी अपनी ताकत का लोहा मनवाया था। सियासत के दंगल में उतरे पहलवान के मुकाबले कई प्रमुख दावेदार थे। फिर भी अपनी लगन, मेहनत और शालीनता के दांव से सभी विरोधियों को पछाड़ते हुए उन्होंने अपनी जीत का परचम लहरा दिया। शुक्ल के मुकाबले सपा, बसपा के प्रत्याशी मैदान में थे। एक पूर्व मंत्री उन्हें हराने के लिए पूरी ताकत लगाए हुए थे, पर उन्होंने लगभग चार हजार के अंतर से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त दी।
दूसरी तरफ गीतों के माध्यम से लोगों के बीच छा जाने वाली भोजपुरी की गायिका सुमन पासवान को सियासत रास आ गई। वार्ड न. 51 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित वार्ड से वह चुनाव मैदान में उतरी तो उनके मुकाबले दो दर्जन से अधिक प्रत्याशी उतर गए। नाव लेकर जनता के बीच पहुंची तो उन्हें न सिर्फ हाथोंहाथ लिया बल्कि उनकी नाव को पार लगा दिया। उनका वार्ड दो ब्लॉकों गगहा और बड़हलगंज में पड़ता था। इन्होंने गगहा में अपने प्रतिद्वंद्वी को लगभग 17 सौ से अधिक वोटों से शिकस्त दी।जबकि बड़हलगंज ब्लॉक में वह कांटे की टक्कर में रहीं। वहां वह मात्र सौ के करीब वोटों की ही बढ़त बना पाईं। फिर भी देश भर में भोजपुरी का परचम लहराने वाली सुमन ने वार्ड न. 51 में अपना झंडा फहरा दिया।