तेंदुए के हमले के बाद गुस्साए गांव वाले उसे मारने के लिए घर की घेराबंदी करते हुए।
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खजुरी पांडेय गांव में सुबह से शाम तक तेंदुए के उत्पात के बाद भी वन विभाग की ओर से धर-पकड़ की कोशिश न होने पर बड़हलगंज क्षेत्र के लोगों का गुस्सा भड़क गया। शाम तक 12 लोगों के जख्मी हो जाने से गुस्साई भीड़ ने कुरांव गांव के सामने शाम सवा पांच बजे गोरखपुर-वाराणसी हाइवे जाम कर दिया और वाहनों में तोड़फोड़ की। बाद में हमलावर तेवर अपनाते हुए तेंदुए को निशाना बनाया और लाठियों से पीटकर उसे ढेर कर दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि तेंदुए के हमले की शुरुआत मंगलवार सुबह सात बजे के आसपास हुई। सूचना के बाद भी तुरंत पुलिस नहीं पहुंची तो वन विभाग की टीम का घंटों पता नहीं चला। इस बीच एक-एक कर 12 लोग तेंदुए के झपट्टे का शिकार होकर जख्मी हुए। सूरज मौर्य के घर के बाद हरिजन बस्ती में उत्पात मचाते हुए तेंदुआ उसरापार टोला के रहने वाले भरत यादव के मकान में घुस गया। इससे भरत यादव के परिवार वाले दो घंटे तक कमरे में कैद रहे तो बाद में रामकिशोर के परिसर में तेंदुआ होने से सारे लोग सहमे रहे।
शाम पांच बजे डीएफओ अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे लेकिन तेंदुए को पकड़ने के लिए जरूरी सामान नहीं था। सवा पांच बजे जाम लगाकर लोगों ने करीब 20 गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए तो पुलिस गुस्साए लोगों को शांत करने में लगी और वन विभाग का स्टाफ पिंजरा और जाल लेकर पहुंचा। दो घंटे बाद जाम खुला लेकिन हाइवे से हटी भीड़ हमलावर रुख से तेंदुए की तलाश में जुट गई। रात 9.30 बजे भरत यादव के परिसर में हाथ आए तेंदुए पर घेरकर लाठियां बरसाईं, जिससे कुछ देर में ही उसकी जान चली गई।