टेंपो ट्रैवलर संचालकों पर परिवहन विभाग की कार्रवाई का कोई असर नहीं हुआ। हो भी कैसे? एक दिन की कार्रवाई के बाद चेकिंग टीम चुप बैठ गई। नतीजा यह हुआ कि शनिवार को सुबह से शाम तक रेलवे स्टेशन पुलिस चौकी के ठीक सामने ट्रैवलर बारी-बारी से सवारियां भरकर लखनऊ रूट पर चलते रहे।
परिवहन निगम ने 33 डग्गामार टेंपो ट्रैवलरों की सूची एसएसपी को मुकदमा दर्ज करने के लिए भेजी थी। मुकदमा दर्ज करने की कौन कहे, बेखौफ टेंपो ट्रैवलर संचालक शनिवार को रेलवे स्टेशन पुलिस चौकी के सामने ही सवारियां भरते रहे। इन्हें रोकने और टोकने वाला कोई नहीं था।
सूत्रों के मुताबिक ट्रैफिक पुलिस ने पिछले दिनों रेलवे बस स्टैंड के एक किलोमीटर की परिधि में निजी बसों को खड़ा करने से रोक दिया था। इसका असर यह हुआ कि देवरिया, पडरौना रूट पर चलने वाली निजी बसें गोरखपुर यूनिवर्सिटी के पीछे पांडेय पेट्रोल पंप के पास से सवारियां भरने लगीं। लेकिन इन बसों के हटने के बाद टेंपो ट्रैवलरों ने उस जगह पर अपना कब्जा कर लिया है।
कागजों में पूरी तरह है दुरुस्त
परिवहन विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक तो टेंपो ट्रैवलर पूरी तरह से सही हैं। इन वाहनों ने यूपी परमिट परिवहन विभाग से ही लिया है। हालांकि जो परमिट ट्रैवलरों ने लिया है, उसमें वह रास्ते में सवारियां नहीं बैठा सकते हैं।
नंबरों को लेकर संचालकों की हुई बैठक
परिवहन निगम, परिवहन विभाग की कार्रवाई के बीच ट्रैवलर संचालकों ने शनिवार को बैठक की। इसमें किसका नंबर कितने बजे से कितने बजे तक है, इसे पर फैसला किया गया।
रोडवेज की तरफ से अभी तक पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने के बाद अवैध रूप से जो भी ट्रैवलर चल रहे हैं, मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
- हेमराज मीना, एसपी सिटी