शपथ लेते छात्रसंघ के नए पदाधिकारी।
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दशक बाद हुए छात्रसंघ चुनाव के विजेता पदाधिकारियों और संकाय प्रतिनिधियों ने बुधवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान छात्रहित में कार्य करते रहने की शपथ ली। यूनिवर्सिटी के दीक्षा भवन हुए भव्य समारोह में कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। इस दौरान ग्रामीण विधायक विजय बहादुर यादव ने बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहकर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की हौसलाफजाई की।
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह इस कदर था कि तय समय से काफी पहले से ही निर्वाचित पदाधिकारियोें के समर्थकोें का जुलूस दीक्षा भवन पहुंचने लगा। उनके द्वारा रह-रह की जा रही नारेबाजी छात्रसंघ की बहाली का भरपूर अहसास करा रही थी। समारोह का संचालन कर रहे प्रो. हिमांशु चतुर्वेदी ने मंच को एक सूत्र में बांधा तो चुनाव अधिकारी प्रो. संजय बैजल ने विपरीत परिस्थितियों में चुनाव संपन्न कराने को लेकर यूनिवर्सिटी की मशक्कत से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
शपथ से पहले मुख्य अतिथि विधायक विजय बहादुर ने अपने संबोधन में छात्रसंघ चुनाव कराने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन की सराहना की, साथ ही केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए आवाज बुलंद की। फिर शुरू हुआ शपथ ग्रहण का सिलसिला। पहले कुलपति ने अध्यक्ष अरविंद कुमार उर्फ अमन यादव, उपाध्यक्ष अखिलदेव त्रिपाठी, महामंत्री ऋचा चौधरी व पुस्तकालय मंत्री दीपक चौधरी को एक साथ शपथ दिलाई। उसके बाद क्रमवार सभी संकाय प्रतिनिधियों को शपथ दिलाने का सिलसिला चला। शपथ के बाद सभी पदाधिकारियों ने छात्रहित में किए जाने वाले कार्य को लेकर मंच से अपनी-अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं, जिस पर उन्हें छात्रों का समर्थन मिला।
कुलपति ने दिलाई छात्र-एकता की याद
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान दीक्षा भवन में सिर्फ पदाधिकारियों के पक्ष में नारे लगाए जा रहे थे। जब कई बार पदाधिकारियों और संचालक द्वारा कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए नारेबाजी रोकने की अपील के बाद भी यह सिलसिला नहीं थमा तो कुलपति प्रो. अशोक कुमार से नहीं रहा गया। कुलपति ने माइक हाथ लेकर पदाधिकारियों के समर्थकों को याद दिलाया कि वे एक नारा भूल रहे हैं, जिसके लिए छात्रसंघ बनता है, वह है- ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ तो छात्र शरमा गए। फिर तो कुलपति ने खुद उनसे यह नारा लगवाया।