जिला अस्पताल की जांच में पांच और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसमें से दो मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। बाकी प्राइवेट अस्पताल के है। जिला अस्पताल में कुल पांच मरीज इस वक्त भर्ती है। कुशीनगर के सत्यवंत (19), देवानंद (20), गोरखपुर, कौड़ीराम की जगरानी (25), भरवलिया की नाजरिन (30), बड़हलगंज की निर्मला (28) के ब्लड सैंपल जांच को लिए गए थे। जिसमें डेंगू की पुष्टि हुई है। जिला अस्पताल में अब तक 197 मरीजों की जांच हो चुकी है जिसमें से 41 डेंगू पॉजीटिव पाए गए हैं।
डेंगू से बचाव कार्यों की कमिश्नर ने की समीक्षा
डेंगू से बचाव कार्यों की कमिश्नर अनिल कुमार ने बुधवार को अपने कैंप दफ्तर पर समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों के अफसरों को सतर्क करते हुए कार्यालयों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने मंडल के लोगों से भी अपील किया कि वे अपने घरों के आसपास डेंगू से बचाव के उपाय करें। इस संबंध में विभागों को पूर्व में पत्र भी भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि अफसर अपने दफ्तर के लोगों के साथ ही आमजन को भी जागरूक करें कि वे बेकार सामानों को छत और खुले स्थान से हटाकर शेड के भीतर रखें, ओवरहेड टैंकों के ढक्कन कसकर बंद करें, कूलरों की हर सप्ताह अच्छे से सफाई कराएं, एसी से बाहर आने वाला पानी एकत्रित न होने दें। इसी तरह ध्यान रखें कि निर्माणाधीन स्थलों पर एक सप्ताह से अधिक समय तक पानी एकत्रित न होने पाए, फू लदान एवं ट्रे में भी पानी एकत्रित होने दें। कमिश्नर ने कार्यालय के अफसरों-कर्मचारियों तथा आमजन को पूरी बांह के कपड़े पहनने की भी सलाह दी। इसी तरह बीएसए और डीआईओएस को विद्यालयों में बच्चों को डेंगू से बचाव की जानकारी देने का भी निर्देश दिया।
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इंसेफेलाइटिस से चार की मौत
कहर बन चुके इंसेफेलाइटिस ने चार और जाने ले ली। बीते 24 घंटे के भीतर मेडिकल कॉलेज में चार लोगों की मौत हुई है। आठ नए मरीजों को भर्ती किया गया है। जनवरी से अब तक 310 मरीजों की मौत इस बीमारी से हो चुकी है। मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस मरीजों की संख्या बढ़ने से इलाज में भी दिक्कतें आने लगी हैं। इस समय 105 मरीज भर्ती हैं। यहां विशेषज्ञ डॉक्टर उपचार तो कर रहे हैं, मगर बीमारी से मौतें नहीं रुक पा रही हैं। बीते 24 घंटे में गोरखपुर सहजनवां की ब्यूटी (1.5), कुशीनगर, कप्तानगंज की राधिका (9), सेवरही के सत्यम (2), खड्डा के दिव्यांशु (5) की मौत हुई है। वहीं गोरखपुर के दो, सिद्धार्थनगर के एक, देवरिया के दो, कुशीनगर के एक, बिहार के दो मरीज भर्ती किए गए। जनवरी से अब तक 1176 मरीज इलाज को आ चुके हैं।
हेल्प डेस्क खुलेगा
इंसेफेलाइटिस और डेंगू मरीजों की सहायता के लिए मलेरिया नियंत्रण विभाग की ओर से जिला अस्पताल में हेल्थ डेस्क खोला जाएगा। बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए यह फैसला किया गया है। बृहस्पतिवार से हेल्प डेस्क शुरू हो जाएगा। इस हेल्प डेस्क में विभाग के कर्मचारी लोगों को बुखार के मरीजों की काउंसिलिंग करेंगे। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एके पांडेय ने बताया कि बुखार के मरीजों में बीमारियों को लेकर दहशत का माहौल है। इसे कम करने का प्रयास किया जाएगा।