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एक और ‘अभियान’ को खामोशी से अंजाम दे रहा गीताप्रेस

Tue, 29 Dec 2015 09:05 PM IST
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
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पुस्तकों के माध्यम से समाज सेवा करने वाला गीताप्रेस एक और ‘अभियान’ को खामोशी से अंजाम दे रहा है। इस कड़ाके की ठंड में जब अधिकांश लोग रात में अपने घरों में कैद हो जाते हैं, तब गीताप्रेस की गाड़ी शहर के दूरस्थ इलाकों के लिए निकल पड़ती है।
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गीताप्रेस सेवादल के सदस्य उन घरों का दरवाजा खटखटाते हैं जिनमें लोग रजाई और कंबल के अभाव में पूरी रात आग तापकर बिताते हैं। ऐसे परिवारों को गीताप्रेस की ओर से कंबल दिया जाता है। साथ ही गमछा और धोती भी। गोरखपुर में गीता प्रेस की शुरुआत के समय से ही इसके संस्थापक जयदयाल गोयन्दका ने सेवा दल की भी स्थापना की थी। उसी समय गीताप्रेस ने अन्य संस्थानों से होने वाली अपनी आय का कुछ हिस्सा समाज सेवा के लिए निर्धारित कर दिया था। तभी से गीताप्रेस सेवादल के माध्यम से समाजसेवा करता आ रहा है।

किसी की सहायता नहीं ली जाती
गीताप्रेस के प्रबंधक मेघ सिंह चौहान का कहना है कि कंबल वितरण में गीताप्रेस किसी अन्य की सहायता नहीं लेता। अपने संसाधनों से गरीबों की सहायता की जाती है। प्रत्येक दिन 250 कंबलों के अलावा गमछा और धोती भी बांटी जाती है।
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सेवादल के सदस्य रोज शाम को इन सामानों को गाड़ियों पर लादकर गंतव्य की ओर से निकलते हैं। रात तकरीबन नौ बजे उस क्षेत्र के चौराहे पर पहुंचने के बाद वहां के किसी सदस्य की सहायता से दूरस्थ गांवों तक जाकर हर दरवाजे को खटखटाते हैं और जरूरत के अनुसार उन्हें कंबल आदि देते हैं।

ट्रस्टी खुद भी जाते थे कंबल बांटने
गीताप्रेस सेवादल के सदस्य मौसम कुमार उपाध्याय 1994 से इस काम में जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि काफी समय तक तो गीताप्रेस के ट्रस्टी ईश्वर प्रसाद पटवारी खुद इस अभियान में शामिल होते थे।
रात तकरीबन नौ बजे से कंबल बांटने का काम शुरू होता है जो दो-तीन बजे तक चलता है। प्रत्येक वर्ष ठंड में कम से कम 25 दिन कंबल बांटा जाता है। हालांकि 2013 में 30 दिनों तक कंबल बांटा गया था।

गर्मी में अगलगी के पीड़ितों की करते हैं सहायता
गीताप्रेस सेवादल सर्दी ही नहीं बल्कि गर्मी में भी अगलगी के पीड़ित परिवारों की सहायता करता है। ऐसे लोगों की सूचना फायर ब्रिगेड विभाग से हासिल करने के बाद दल के सदस्य उनके घरों तक पहुंचते हैं और उन्हें कपड़ा, राशन, टिन, बरतन समेत जरूरत के अन्य सामान उपलब्ध कराते हैं।

इन गांवों में बंट चुका है कंबल
गीताप्रेस सेवा दल गोरखपुर मंडल के सभी जिलों के दूरस्थ गांवों में जाकर कंबल बांटता है। इस बार गोरखपुर के अलावा देवरिया, पडरौना, कुशीनगर में कंबल आदि बांटे जा चुके हैं।
इस सर्दी में कंबल बांटने की शुरुआत 22 दिसंबर से हुई है। बेलघाट, अनया, गुरमिया, बनवारी टोला, शिवराज पट्टी, गड़रामपुर, डिहवा, पुरैना, गोइठाटोला, सहसु, धरियाभाठ, नौतल, हथियागढ़ में कंबल बांटे जा चुके हैं।
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