इंसेफलाइटिस के दंश ने 24 घंटे के भीतर सात लोगों की जान ले ली। एक दिन में होने वाली मौत की इस साल यह सबसे बड़ी संख्या है। इससे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के होश उड़ गए हैं।
मेडिकल कॉलेज में सात मौतों के साथ ही 16 नए मरीज भी भर्ती किए गए हैं। मरने वाले में गोरखपुर के गुलरिहा के सत्यम (4) पुत्र सिकंदर, बड़हलगंज के हैरम (18) पुत्र शकील, सहजनवां के रणवीर (14) पुत्र विपिन, देवरिया जिले के रामपुर कारखाना के सर्वेश यादव (5) पुत्र श्रीराम, महुई की अंशिका यादव (1) पुत्र अर्जुन यादव, महराजगंज के श्यामदेउरवा की नेहा (12) पुत्री बाबू लाल, गोपालगंज की सोनी (2) पुत्री सुदामा शामिल हैं। वहीं गोरखपुर के पांच, देवरिया और संतकबीरनगर के तीन-तीन, महराजगंज के दो, सिद्धार्थनगर के एक और बिहार दो मरीजों को भर्ती किया गया है।
जनवरी से लेकर अब तक मेडिकल कॉलेज में 525 मरीजों का इलाज हो चुका है, जबकि 135 की मौत हो चुकी है। वहीं नेहरू चिकित्सालय के विभिन्न वार्डो में 88 मरीजों का इलाज हो रहा है। जिम्मेदार अफसरों का कहना है कि इलाज को लेकर कहीं से कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। मगर मरीज पहले इधर-उधर इलाज के चक्कर में पड़ जा रहे हैं और केस बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज आ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने अपील की है कि जिस भी मरीज को तेज बुखार, झटके आदि की शिकायत हो वह नि:शुल्क सरकारी एंबुलेंस 108 की मदद से सीधे मेडिकल कॉलेज आए।