लंबे समय बाद छात्रसंघ चुनाव करा रहा गोरखपुर यूनिवर्सिटी का हंगामे से नाता नहीं छूट रहा है। पहले तारीख को लेकर हुए हंगामे, फिर चुनाव में पुलिसिया हस्तक्षेप के बाद रविवार को पर्चे खारिज होने नाराज प्रत्याशी समर्थकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे यूनिवर्सिटी प्रशासन बैकफुट पर आ गया और गलती मानते हुए सात और प्रत्याशियों को वैध घोषित कर दिया। इससे चुनाव मैदान में अब 60 प्रत्याशी ताल ठोंक रहे हैं।
पर्चा खारिज होने पर विरोध प्रदर्शन की शुरुआत उपाध्यक्ष पद के समाजवादी छात्र सभा प्रत्याशी अमित कुमार यादव को लेकर हुई, जिनका नाम वैध प्रत्याशियों की सूची में न होने से राजीव पांडेय, गवीश दुबे, डॉ. उमाशंकर यादव, कपिलमुनि यादव, संजय यादव, रंगबिहारी यादव, राजीव ऋषि तिवारी आदि आक्रोशित हो गए और चुनाव कार्यालय गेट पर खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी। इनका प्रदर्शन जारी ही था कि प्रतिनिधि पद के कई खारिज प्रत्याशी भी शिकायत लेकर चुनाव कार्यालय पहुंच गए।
पहले तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसे लेकर अनदेखी की लेकिन जब मामला गरम होने लगा तो चुनाव सेल ने शिकायत संज्ञान में लेकर पर्चों पर फिर से अध्ययन करते हुए वैध प्रत्याशियों की नई सूची जारी कर दी, जिसमें अमित यादव तो शामिल रहे ही, विज्ञान संकाय के प्रतिनिधिप्रत्याशी संजीव मिश्र, सीतांशु व ग्रीष्मा वर्मा, वाणिज्य संकाय के प्रतिनिधि प्रत्याशी आकाश कुमार श्रीवास्तव व चमार जयराम रामवादी और शिक्षा संकाय के प्रतिनिधि प्रत्याशी संदीप कुमार जायसवाल को भी जगह मिल गई। अब उपाध्यक्ष पद के छह, विज्ञान व वाणिज्य संकाय के प्रतिनिधि के छह-छह और शिक्षा संकाय के प्रतिनिधि के दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
मतदान के लिए बनाए गए 28 बूथ
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव सेल ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। चुनाव अधिकारी प्रो. संजय बैजल ने बताया कि मतदान केलिए बूथ तय कर दिए गए हैं। छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग 14-14 बूथ बनाए जा रहे हैं। छात्राएं दीक्षा भवन में वोट देंगी, जबकि छात्र कला संकाय और मजीठिया भवन में। उन्होंने बताया कि चुनाव में कुल 12296 विद्यार्थी वोट दे सकेंगे। इनमें छात्राओं की संख्या 6,199 और छात्रों की 6,097 है। चुनाव अधिकारी ने मतदान के लिए जरूरी निर्देश भी जारी किए और हर हाल उसका पालन करने की बात कही है।
मतदान के दौरान रखना होगा ध्यान
- मतदान कक्ष में मतदाता को छोड़कर किसी भी प्रत्याशी या उसके प्रतिनिधि का प्रवेश वर्जित रहेगा।
- मतदाता प्रत्याशी के नाम के सामने क्रॉस (x) अंकित करेंगे। दूसरा कोई चिह्न अंकित करने पर मत अवैध माना जाएगा।
- मतदाताओं के पास ‘इनमें से कोई नहीं’ यानी नोटा का भी विकल्प।
- प्रतिनिधि पद पर कला संकाय में पांच, विज्ञान, वाणिज्य व विधि संकाय में तीन-तीन और शिक्षा संकाय में एक पुरुष प्रतिनिधि के लिए वोट डाला जाएगा। ऐसे में मतदाता पद की संख्या में वोट दे सकते हैं। उनके सामने एक वोट देने का विकल्प भी खुला रहेगा।
छापेमारी से त्रस्त छात्राें ने छोड़ा हॉस्टल
छात्रसंघ चुनाव को लेकर जिला और यूनिवर्सिटी प्रशासन की सख्ती हॉस्टलर्स पर भारी पड़ रही है। हर रोज देर रात हॉस्टल में हो रही पुलिस की छापेमारी से तंग आकर काफी संख्या में लोग कमरे में ताला लगाकर या तो घर चले गए हैं या फिर शहर के रिश्तेदारों-दोस्तों के यहां शरण ले ली है। नाम न छापने के शर्त पर एक छात्र ने बताया कि रात होते ही छापेमारी का भय सताने लगता है। इस दौरान पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन का रुख डराने वाला रहता है। ऐसे में वैध होते हुए भी हॉस्टल में रहने में डर लग रहा है। जब तक चुनाव खत्म नहीं हो जाता, हॉस्टल से बाहर रहना ही बेहतर है। यही वजह है कि काफी संख्या में छात्रों ने हॉस्टल छोड़ दिया है।