सरहरी और बिस्टौली गांव के प्रधान-सचिव पर होगी एफआईआर
गोरखपुर। प्रदेश सरकार की ओर से रोक लगाए जाने के बाद भी वर्ष 2016-17 की परफार्मेंस ग्रांट की रकम खाते से निकालकर खर्च कर देने और अब उसे लौटाने में आनाकानी करने पर सरहरी और बिस्टौली गांव के प्रधान व सचिव पर मुकदमा दर्ज होगा।
इस संबंध में जिला पंचायतीरात अधिकारी हिमांशु शेखर ठाकुर ने बुधवार को जंगल कौड़िया और भरोहिया के एडीओ पंचायतों को निर्देश जारी कर दिया।
उधर, नए सिरे से 2016-17 की परफार्मेंस ग्रांट पाने के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि बुधवार को खत्म हो गई। पंचायतीराज विभाग के मुताबिक अभी तक आवेदन का समय बढ़ाने को लेकर शासन स्तर से कोई भी निर्देश नहीं जारी हुआ है।
इस ग्रांट को पाने के लिए जिले की 100 ग्राम पंचायतों ने दावेदारी की है। 14वें वित्त आयोग के तहत पंचायती राज मंत्रालय की तरफ से जिन पंचायतों को यह ग्रांट दी गई थी उसमें अनियमितता के चलते उसके संचालन पर प्रदेश सरकार ने रोक लगा दी थी।
संबंधित पंचायतों से ग्रांट की रकम वापस लेने के साथ ही इसे पाने के लिए फिर से पंचायतों को आवेदन करने का निर्देश जारी हुआ था।
39 ग्राम पंचायतों ने निकाल ली थी रकम
जिले में 48 ग्राम पंचायतों को 23.97 करोड़ का परफार्मेंस ग्रांट मिला था। इनमें से 9 ग्राम पंचायतों ने एक भी रुपये खर्च नहीं किए, जबकि 39 ग्राम पंचायतों ने 9.90 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च कर डाली थी।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि जिन्होंने परफार्मेंस ग्रांट की रकम खर्च कर दी है, उनके 14 वें वित्त की धनराशि खर्च करने पर रोक लगा दी गई है। जब तक ये पंचायतें रुपये नहीं वापस करतीं, रोक लगी रहेगी। रकम लौटाने में देर करने वाली कुछ पंचायतों के प्रधानों-सचिवों पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। दो पंचायतों सरहरी और बिस्टौली के प्रधान-सचिव पर एफआईआर कराने का निर्देश दे दिया गया है।
जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर कमेटी गठित
जिले स्तर पर आवेदनों के परीक्षण के लिए तैनात कमेटी में सीडीओ की अध्यक्षता में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, डीएम द्वारा नामित एसडीएम तथा लेखा व वित्त विभाग के अधिकारी समेत तीन सदस्य होंगे। डीपीआरओ इस कमेटी के सचिव होंगे। इसी तरह पात्रता का निर्धारण करने के लिए राज्य स्तर पर निदेशक पंचायती राज की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
क्या है परफार्मेंस ग्रांट
जो ग्राम पंचायतें अपनी परिसंपत्तियों जैसे दुकान, तालाब का पट्टा, बाजार आदि सेे धन अर्जित करती हैं वे परफार्मेंस ग्रांट हासिल करने पात्र होती हैं। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा 14वें वित्त के तहत यह ग्रांट मुहैया कराई जाती है। जिससे पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी कार्य कराए जा सक ते हैं।