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सहजनवां में प्रधान पति की गोली मारकर हत्या

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सहजनवां इलाके में हत्या किए गए रविंद्र ढाड़ी की फाइल फोटो।
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सहजनवां में प्रधान के पति की गोली मारकर हत्या
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पाली (गोरखपुर)। सहजनवां इलाके के बनकटिया गांव के प्रधान के पति व हिस्ट्रीशीटर रविंद्र ढाड़ी (36) की शुक्रवार शाम करीब चार बजे बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। गोली के छर्रे लगने से दोस्त रविंद्र (दोस्त और मृतक का नाम एक ही है) भी जख्मी हो गए। घटना के बाद जब तक कोई कुछ समझ पाता हमलावर भाग निकले। बदमाशों की एक बाइक मौके पर छूट गई थी, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
यह वारदात, गांव के ही पूर्व प्रधान स्व. रामकिशुन निषाद के बेटों से रविंद्र की इलाके में पिछले कई वर्षों से वर्चस्व को लेकर चल रही जंग का नतीजा मानी जा रही है। रविंद्र की पत्नी ने निषाद के बेटे धर्मवीर, कपूर चंद समेत चार लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। हालांकि देर रात तक केस दर्ज नहीं किया गया था। उपद्रव की आशंका में एहतियातन गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
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घटना के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम प्रधान गीता देवी के पति रविंद्र ढाड़ी चार बजे के करीब गांव में ही हो रहे नाली निर्माण कार्य की प्रगति देखने गए थे, तभी यह घटना घटी। बताया जा रहा है कि वह दोस्त के साथ बाइक पर पीछे बैठे थे। नाली निर्माण वाली जगह पर बाइक धीरे होते ही बदमाशों ने पीछे से सिर में तमंचा सटाकर गोली मार दी। बदमाशों ने पीठ में भी गोली मारी और रविंद्र वहीं गिरकर तड़पने लगे। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी और रविंद्र को अस्पताल ले जाने की तैयारी में थे कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मौत की खबर घर पहुंचते ही उनके समर्थक और घरवाले मौके पर पहुंच गए। उधर, पुलिस भी बवाल की सूचना पर आई और किसी तरह से ग्रामीणों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया।
मां की मौत के बाद पत्नी बनी थी प्रधान
रविंद्र ढाड़ी की मां सुराती देवी गांव की प्रधान थीं। उनकी आकस्मिक मौत के बाद उपचुनाव में रविंद्र की पत्नी गीता देवी जीतीं। प्रधान का सारा कार्य रविंद्र ही देखते थे।
रविंद्र पर दर्ज हैं 13 मुकदमे
रविंद्र सहजनवां थाने का हिस्ट्रीशीटर था। उस पर हत्या की कोशिश, बलवा जैसे 13 संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज थे। राजनीति में आने के बाद उसने अपराध से किनारा कर लिया था, मगर गांव में निषाद परिवार से रंजिश खत्म नहीं हो सकी थी। ।
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कुख्यात बदमाश श्रीपत ढाड़ी का चचेरा भाई था मृतक
रविंद्र ढाड़ी 90 के दशक में अपराध जगत में कुख्यात लुटेरे और सुपारी किलर के रूप में पहचान बनाने वाले श्रीपत ढाड़ी का चचेरा भाई था। श्रीपत ने ही गोरखपुर में बैंक लूट की शुरुआत की थी। रविंद्र ढाड़ी की हत्या के बाद गांव में निषाद परिवार से पुरानी दुश्मनी फिर से ताजी हो गई।
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