नौ साहित्यकारों का रचना संग्रह प्रकाशित करेगा साहित्य अकादमी
गोरखपुर। साहित्य अकादमी इस वर्ष प्रो. केदारनाथ सिंह, नामवर सिंह, प्रो. रामचंद्र तिवारी समेत नौ प्रतिष्ठित साहित्यकारों का रचना संग्रह प्रकाशित करेगी। अकादमी ने पहली बार गुजराती दलित कविता संग्रह भी तैयार करने का भी निर्णय लिया है। इसे तैयार करने की जिम्मेदारी गुजरात की डॉ मालिनी गौतम को दी गई है।
साहित्य अकादमी की हिंदी एडवाइजरी बोर्ड (हिंदी परामर्श मंडल) की गोरखपुर में हुई पहली बैठक पार्क रोड के होटल में करीब ढाई घंटे तक चली। एडवाइजरी बोर्ड के संयोजक प्रो. चितरंजन मिश्र की अध्यक्षता में बैठक में सचिव श्रीनिवासन राव ने पिछले साल की बैठक में लिए निर्णय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। बोर्ड के सदस्यों ने भारतीय साहित्य निर्माता शृंखला में सभी भाषाओं के नौ बड़े लेखकों की रचना संग्रह प्रकाशित करने का निर्णय लिया। प्रो. केदारनाथ सिंह, प्रो. नामवर सिंह, डॉ. रामचंद्र तिवारी, बाल कृष्ण भट्ट, कामतानाथ, भक्तकवि नाभादास, राजकमल चौधरी, रवींद्र कालिया व गोपाल राय के नाम पर सभी ने सहमति प्रदान की। इनका देश के सभी 24 भाषाओं में अनुवाद भी कराया जाएगा। सभी रचना संग्रह सौ या डेढ़ सौ पेज की किताब में होंगे। सचिव ने बताया कि हिंदी भाषा में रचना संग्रह अकादमी अधिकतम छह ही प्रकाशित कर सकती है। इस पर निर्णय हुआ कि इसे अकादमी की आमसभा में रखा जाएगा।
बैठक में एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य व केंद्रीय हिंदी संस्थान के उपाध्यक्ष कमल किशोर गोयनका, हिंदी संस्थान आगरा के निदेशक नंद किशोर पांडेय, केके बिरला फाउंडेशन के निदेशक सुरेश रितुपर्ण, रेवती रमण, सिद्धार्थ विवि के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे आदि उपस्थित थे।
युवाओं की पांडुलिपियां मांगी जाएगी
बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया कि राजा राधिकारमण सिंह, श्याम नारायण पांडेय तथा निर्मल वर्मा का रचना संचयन प्रकाशित किया जाएगा। युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के क्रम में निर्णय लिया गया कि अकादमी 35 वर्ष से कम के युवाओं की पांडुलिपियां आमंत्रित करेगी। नवोदय योजना के तहत सर्वश्रेष्ठ एक रचना अकादमी प्रकाशित करेगी।