दो लाख नहीं देने पर रेलकर्मी की बेटी को तलाक...तलाक...तलाक
गोरखपुर। दहेज में दो लाख रुपये नहीं देने पर शादी के सिर्फ दो साल बाद पति ने रेलकर्मी की बेटी को तीन तलाक दे दिया। महिला ने चार दिन पहले सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई थी। तलाक की तारीख 28 जुलाई थी, जो कानून लागू होने के तीन दिन पहले की थी। इसी वजह से सीओ ने इस मामले में विधिक सलाह मांगी थी। विधिक सलाह के आधार पर शाहपुर थाने में मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा अध्यादेश 2018, दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 और दहेज उत्पीड़न की धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। जिले का तीन तलाक में दर्ज किया गया यह पहला मामला है।
रेलकर्मी की बेटी तरन्नुम बानो को 28 जुलाई को मायके में आकर पति ने तीन बार तलाक...तलाक...तलाक कहकर उसे अपनी जिंदगी से निकाल दिया। पिता कल्लू रेलकर्मी हैं और बिछिया रेलवे कॉलोनी में रहते हैं। थाने में दर्ज केस के मुताबिक तरन्नुम की शादी तिवारीपुर के इलाहीबाग निवासी मोहम्मद उमर से 16 सितंबर 2017 को हुई थी। शादी में पांच लाख कीमत के गहने बेटी को दिए थे। सास-ससुर ने गहने अपने पास रख लिए। कुछ महीने बाद ही ससुराल वाले दो लाख रुपये दहेज की मांग करते हुए प्रताड़ित करने लगे। दो मई 2018 को घर से मारपीट कर भगा दिया। कहा कि जब तक दो लाख रुपये नहीं लाओगी, तब तक नहीं रखेंगे। 28 जुलाई 2019 को पति उसके घर आए और मायके वालों के सामने ही तीन तलाक दे दिया। इसके बाद पीड़िता ने मुख्यमंत्री के ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। जांच सीओ प्रवीण सिंह ने शुरू की और फिर महिला को बुलाकर बयान भी दर्ज कराया। मामला कानून बनने के तीन दिन पहले का होने की वजह से केस दर्ज नहीं किया गया था और विधिक सलाह मांगी गई थी।