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प्रयागराजः जंक्शन के बाहर खड़ी कैशवैन से 1.54 करोड़ रुपये की चोरी, नकदी से भरा बक्सा उड़ाया

Fri, 04 Oct 2019 01:47 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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इसी कैश वैन से चोरी हुए पैसे - फोटो : अमर उजाला
इलाहाबाद जंक्शन के सिविल लाइंस साइड में खड़ी कैशवैन से 1.54 करोड़ रुपये चोरी हो गए। कैशवैन के साथ पहुंचे तीन कर्मचारियों को जानकारी तब हुई, जब वह दूसरे एटीएम में रुपये डालने पहुंचे। फिलहाल भूमिका संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। देर रात तक उनसे पूछताछ जारी थी। 

एसआईएस प्रोसीजर कैश मैनेजमेंट कंपनी शहर के कई एटीएम में नकदी डालने का काम करती है। बृहस्पतिवार शाम कंपनी के तीन कर्मचारी कस्टोडियन बलराम चौधरी, गनमैन अजय दुबे व ड्राइवर राजकुमार जंक्शन के सिविल लाइंस साइड स्थित एसबीआई एटीएम में नकदी डालने पहुंचे। करीब 18 लाख रुपये एटीएम में डालने के बाद सभी शाहगंज स्थित एटीएम पर पहुंचे। 

उनका कहना है कि वहां जैसे ही रुपये निकालने चाहे, कैशवैन में पीछे रखा नकदी भरा बक्सा गायब मिला। सभी भागकर वापस सिविल लाइंस साइड स्थित एटीएम के पास पहुंचे और गार्ड दिनेश मिश्रा से पूछताछ की। कोई जानकारी न मिलने पर सूचना देकर पुलिस को बताया कि कैशवैन से 1.54 करोड़ रुपये भरा बक्सा चोरी चला गया है। 

जानकारी पर डीआईजी, एसएसपी समेत तमाम अफसर पहुंच गए। क्राइम ब्रांच व फोरेंसिक टीम भी आई। पूछताछ में भूमिका संदिग्ध लगने पर पुलिस ने कंपनी के चार कर्मचारियों को हिरासत में लिया है, जिनसे देर रात तक पूछताछ होती रही। 

पूछताछ में पता चला है कि कर्मचारी सुबह 2.30 करोड़ रुपये लेकर निकले थे। कुछ अन्य एटीएम में नकदी डालने के बाद वह जंक्शन के बाहर स्थित एटीएम पर पहुंचे थे। उनका कहना है कि नकदी भरा बक्सा किसी ने चोरी कर लिया। जांच की जा रही है। - सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी
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crime news - फोटो : प्रयागराज
जंक्शन पर कैशवैन से चोरी होने के बाद खंगाली ट्रेनें 
प्रयागराज। इलाहाबाद जंक्शन के सिविल लाइंस साइड में कैश वैन से 1.64 करोड़ की चौरी होने के बाद रेल महकमे में हड़कंप मच गया। घटना के बाद रेल सुरक्षा बल के तमाम अफसर जंक्शन पहुंच गए। इस दौरान आरपीएफ के डीआईजी आरएसपी सिंह, सीनियर डीएससी मनोज कुमार, आरपीएफ इंसपेक्टर बीपी सिंह आदि के नेतृत्व में तमाम ट्रेनों की चेकिंग की गई। संदिग्ध दिखने वाले  लोगों से पूछताछ भी की गई। 
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crime news - फोटो : प्रयागराज
लाखों-करोड़ों रुपये के मामले, लेकिन गंभीर नहीं पुलिस
प्रयागराज। घटनाएं होने के एक-दो दिन या हफ्ते भर तक पुलिस भले ही तेजी दिखाए। लेकिन सच यह है कि एटीएम या बैंक से रुपये चोरी या गायब होने के मामलों को पुलिस गंभीरता से नहीं लेती। सलोरी, मम्फोर्डगंज में एटीएम से लाखों की चोरी व सुलेमसराय में सवा करोड़ के गबन के मामले इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।

कर्नलगंज केे सलोरी में इसी साल 28 मई की रात यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम काटकर चोर 11.51 लाख रुपये उड़ा ले गए थे। इसी तरह पिछले साल 30 नवंबर को मम्फोर्डगंज में यूनियन बैंक का एटीएम काटकर बदमाश 16.61 लाख रुपये चोरी कर ले गए थे। दोनों मामलों का खुलासा अब तक नहीं हो सका है जबकि इसमें क्राइम ब्रांच, स्वाट के तेजतर्रार माने जाने वाले पुलिसकर्मियों की टीम भी लगाई गई। उधर जुलाई में सुलेमसराय की बैंक ऑफ इंडिया स्थित शाखा से सवा चार करोड़ के गबन के मामले में तीन महीने बाद भी पुलिस की जांच पूरी नहीं हो पाई है। 

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crime news prayagraj - फोटो : प्रयागराज
रिपोर्ट दर्ज कराने तक सीमित रहती है कार्रवाई
जानकार बताते हैं कि बैंक या फिर एटीएम में रखे एक-एक रुपयों का बीमा होता है। संभावित खतरे को देखते हुए कैश मैनेजमेंट कंपनी अपनी पूरी रकम का बीमा कराती है। रुपये चोरी या फिर अन्य किसी तरह के नुकसान पर सीधे तौर पर कैश मैनेजमेंट कंपनी ही जिम्मेदार होती है और यही वजह है कि उसकी ही ओर से मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है। हालांकि एफआईआर दर्ज होने पर जांच पड़ताल के बाद बीमा कंपनी रकम का भुगतान कर देता है ऐसे में बैंक भी चुप होकर बैठ जाता है। उधर कैश मैनेजमेंट कंपनी की कार्रवाई भी रिपोर्ट दर्ज कराने तक ही सीमित होती है। यही वजह है कि किसी तरह का दबाव न होने के कारण पुलिस ऐसे मामलों को लेकर गंभीर नहीं होती। 
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crime news prayagraj - फोटो : प्रयागराज
वैन में लगा था ताला, चोरी हो गया डेढ़ करोड़ रुपयों भरा बक्सा

प्रयागराज। जंक्शन के बाहर कैशवैन से 1.64 करोड़ रुपये चोरी होने की घटना बेहद ही हैरान करने वाली रही। जिस वैन से रुपये चोरी होने की बात बताई गई, उसके पिछले दरवाजे में ताला लगा था। दो अन्य दरवाजे भी बंद थे। ऐसे में अफसर भी हैरान थे कि कोई आखिर कैसे इतनी बड़ी रकम से भरा बक्सा लेकर भाग निकला और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। 

सूत्रों के मुताबिक, तीनों कर्मचारियों ने पूछताछ में बताया है कि सुबह 11.30 बजे के करीब वह कुल 2.30 करोड़ रुपये लेकर कैशवैन से निकले। एजी ऑफिस, बम्हरौली समेत तीन एटीएम मेें नगदी डालने के बाद वह शाम को 5-5.30 बजे के करीब जंक्शन के सिविल लाइंस साइड स्थित एसबीआई एटीएम पर पहुंचे। यहां गाड़ी से उतरकर कस्टोडियन बलराम व गनमैन अजय एटीएम में पहुंच गए और गार्ड दिनेश को एटीएम से बाहर जाने को कहा। इस दौरान ड्राइवर राजकुमार गाड़ी में ही बैठा था। गार्ड दिनेश का कहना है कि कुछ देर बाद राजकुमार भी गाड़ी से उतरकर एटीएम के पास आ गया। कुछ देर एटीएम के पास रहने के बाद वह गाड़ी के पास टहलने लगा।

नगदी डालने के बाद कस्टोडियन व गनमैन आकर गाड़ी में बैठे और फिर तीनों कैशवैन लेकर शाहगंज चले गए। वहां जानकारी हुई कि नगदी भरा बक्सा गायब है जिसके बाद उनके होश उड़ गए। इसके बाद पहले 100 नंबर और फिर पुलिस अफसर पहुंचे। सबसे खास बात यह रही कि जिस कैश वैन से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये चोरी होने की बात बताई जा रही है, उसके पिछले दरवाजे पर ताला लगा था। वाहन में किसी तरह की कोई तोड़फोड़ भी नहीं थी। ऐसे में इतनी ज्यादा मात्रा में नगदी भरा बक्सा चोरी चले जाने की बात सुनकर अफसर भी हैरान रह गए। पुलिस का कहना है कि फिलहाल कर्मचारियों से मिली जानकारी के आधार पर जांच पड़ताल की जा रही है। 
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crime news prayagraj - फोटो : प्रयागराज
रास्ते में ही उतर गया था एक अन्य कस्टोडियन
जांच पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि सुबह कार्यालय से निकलते वक्त कैशवैन में कुल चार कर्मचारी थे जिसमें दूसरा कस्टोडियन अशोक त्रिपाठी भी था। लेकिन जंक्शन स्थित एटीएम पर पहुंचने से पहले ही वह रास्ते में कैशवैन से उतर गया था। दरसअल उसे किसी कार्यक्रम में शामिल होने जाना था, ऐसे मेें वह बीच में ही घर जाने लगा। यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस अफसरों ने फोन कर बुलाया तो वह भी मौके पर पहुंच गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे भी हिरासत में ले लिया। 
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बयान व रजिस्टर के रिकॉर्ड में एकरूपता नहीं
मामले में एक और बात सामने आई कि कर्मचारियों ने एटीएम में पहुंचने का जो वक्त पूछताछ में पुलिस अफसरों को बताया, वह एटीएम में रखे रजिस्टर में की गई इंट्री से मेल नहीं खाया। दरअसल एसएसपी के मुताबिक, कर्मचारियों ने पूछताछ में बताया कि वह 5.12 मिनट पर जंक्शन के सिविल लाइंस साइड स्थित एसबीआई एटीएम के भीतर पहुंचे। इसके बाद करीब 49 मिनट भीतर रहने के बाद 6.01 मिनट पर बाहर निकले और शाहगंज चले गए। जबकि एटीएम में रखे रजिस्टर में दर्ज की गई इंट्री के मुताबिक, वह 5.40 बजे एटीएम में पहुंचे और 30 मिनट बाद 6.10 मिनट पर बाहर निकल गए। फिर करीब आधे घंटे बाद 6.40 पर वह दोबारा एटीएम पर पहुंचे और गार्ड को नगदी चोरी की जानकारी दी। 
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