राजस्व से जुड़े कई मामलों के एक दशक से भी अधिक समय से लंबित होने पर विशेष सचिव राजस्व जेपी सगर ने जिले के अफसरों पर नाराजगी व्यक्त की। कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान कई खामियां मिलने पर उन्होंने अफसरों से दो टूक शब्दों में कहा कि रस्म अदायगी से जनता को लाभ नहीं मिलने वाला। पिपरौली के लोहिया गांव बरवार खुर्द में चौपाल के दौरान गलत इंद्राज के बावजूद कोई कार्रवाई न करने पर उन्होंने हलका लेखपाल अनिल श्रीवास्तव को निलंबित करने का निर्देश देने के साथ ही संबंधित कानूनगो को उनका बस्ता रख लेने को कहा।
कलेक्ट्रेट सभागार में करीब दो घंटे तक चली समीक्षा बैठक के दौरान सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जे के कई मामले सालों से लंबित मिले तो वहीं गोला तहसील में नामांकन का एक मुकदमा वर्ष 1999 से चलता मिला। यही नहीं, चौरी चौरा तहसील में बैनामा के एक मामले में वर्ष 2014 से खारिज दाखिल के एक मुकदमे को लटकाए रखने पर उन्होंने आपत्ति जताई। कहा कि जब बैनामा करने वाले और कराने वाले दोनों को ही कोई आपत्ति नहीं थी तो मामले का निस्तारण क्यों नहीं किया गया।
इसी तरह राजस्व वसूली के लिए जारी आरसी में उन्होंने गारंटर को छोड़ मुख्य कर्जदार के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरा भूमिहीन परिवार की बीमा की स्थिति भी संतोषजनक नही मिली। पिछले दिसंबर माह की प्रगति रिपोर्ट के आंकड़े में अंतर मिलने पर उन्होंने सभी तहसीलदार को चेतावनी जारी करने और गलती दोहराए जाने उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।
विशेष सचिव ने स्टांप के समाधान, तहसील दिवस के निस्तारित मामले, जमीन बंटवारे व अन्य राजस्व संबंधी मामलों की विस्तृत समीक्षा की। इससे पहले उन्होंने कलेक्ट्रेट के संयुक्त कार्यालय, अभिलेखागार सहित विभिन्न पटलों के कार्यों को देखा और कई जरूरी निर्देश दिए। पिपरौली प्रतिनिधि के मुताबिक दोपहर बाद विशेष सचिव ने ब्लाक के लोहिया गांव बरवार खुर्द में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।