प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त किसान नेता राधेश्याम सिंह ने कहा कि पहले गन्ने से चीनी व सीरा ही बनता था। लेकिन प्रदेश की योगी सरकार चीनी, सीरा, एथनॉल, प्लाईवुड, बिजली, आदि भी बनाएगी। साथ ही साल भर बाजार में बिकने वाले गन्ने के जूस के पैकेट भी बनाने जा रही है। यही नहीं अब गन्ने की पत्ती से लेकर बगास के डस्ट तक के दाम गन्ना किसानों को मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि अब किसानों का भाग्य चमकेगा। यानी गन्ने से अब सफेद सोना पैदा करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने यह बातें गुरुवार को पिपराइच के गन्ना किसान संस्थान में पश्चिम के पांच जिलों से आये 40 किसानों के सम्मान व प्रशिक्षण में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
संस्थान के सहायक निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता ने पश्चिमी जिलों से आये गन्ना किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। कीचड़ में कमल खिलता है और खेल खलिहान में किसान रूपी भगवान। किसानों से बड़ा वैज्ञानिक कोई नहीं है। गन्ना पैदा कर एथनॉल बनाकर ब्राजील ने विश्व मे पहला स्थान बना लिया है।
भारत अभी पेट्रोलियम में मिलाने के लिए दस प्रतिशत एथनॉल भी नहीं बना पाया है। किसान वैज्ञानिक व आधुनिक खेती शुरू कर दिए हैं। अब विचार विमर्श, अनुभवों आदि का आदान-प्रदान हो रहा है। सरकार भी किसानों पर मेहरबान है। अब किसान के साथ मिलकर हम भी मेहनत व लगन के बल पर ब्राजील से आगे जाने का हौसला रखते हैं।
इस अवसर पर हरियाणा प्रदेश सीमा से सटे कमल्ली सहारनपुर के गन्ना किसान मनोज कुमार तथा उत्तराखंड सीमा पर बसे धमता, मुजफ्फरनगर के अशोक प्रधान ने गन्ना बुआई, से लेकर पैदावार तक की जानकारी साझा की। वहीं गन्ना किसानों की समस्याओं को जोरदार ढंग से उठाते हुए पश्चिम में भी गन्ना संस्थान बनाये जानें की मांग की है।