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मेडिकल कॉलेज में संविदा नियुक्ति पर उठे सवाल

Tue, 10 May 2016 08:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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मेडिकल कॉलेज
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मेडिकल कॉलेज में संविदा पर हुई नियुक्तिओं पर बाल रोग की विभागाध्यक्ष ने सवाल उठाए हैं। आरोप है कि जिस भी कर्मचारी और नर्स का कार्य व्यवहार ठीक नहीं था और उसे हटाने की जगह फिर से संविदा पर उनकी नियुक्ति कर दी गई। उन्होंने अब इन कर्मचारियों के साथ काम करने में असमर्थता जताते हुए प्राचार्य को पत्र लिखकर विभागाध्यक्ष पद से हटाने की सिफारिश की है।
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पत्र में विभागाध्यक्ष डॉ. माहि मित्तल ने कहा है कि जिस स्टाफ नर्स ने अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचने के लिए एक चिकित्सक पर झूठा आरोप लगाया, उस पर आज तक कार्रवाई नहीं की गई। प्राचार्य द्वारा एनएचएम के तहत कार्यरत कर्मचारियों का नियमानुसार अप्रेंजल किया गया। मगर विभाग ने जिन कर्मचारियों को हटाने की सिफारिश की थी, उसे फिर से नियुक्ति दे दी गई। इससे काम करने वाले कर्मचारियों की प्रेरणा समाप्त हो जाती है।

आउटसोर्सिंग द्वारा जिस कर्मचारी को रखा गया है वह दवा स्टोर से इंसेफेलाइटिस की दवा चोरी करते हुए पकड़ा जा चुका है। उसपर इंसेफेलाइटिस मरीजों से रुपये वसूलने का भी आरोप है। हाल ही में एनआरएचएम के रिक्त पदों पर सिस्टर इंचार्ज, नर्स व अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। विज्ञापन निकाला गया मगर विभाग को कोई जानकारी नहीं दी गई। जो नर्स आईसीयू में काम करने में ट्रेंड थी, उनकी जगह अप्रशिक्षित नर्सों को काम पर रख लिया गया है, जबकि अब इंसेफेलाइटिस मरीजों की संख्या बढ़नी है।
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उन्होंने पत्र में कहा है कि ऐसे माहौल में वह काम नहीं कर सकती है। इस वजह से विभागाध्यक्ष पद से हटा दिया जाए ताकि वह शिक्षण और मरीजों के हित में काम कर सके।
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नियुक्ति नियमानुसार की गई है। सभी आरोप गलत हैं। ऐसा कोई मामला नहीं है।
- प्रो. राजीव मिश्रा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज 
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