मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर हंगामा हुआ। ऑर्थो ओपीडी में एक महिला अपने बेटे को दिखाने के लिए लाइन में लगी थी। आरोप है कि तीन घंटे इंतजार के बाद भी उसका नंबर नहीं आया, जबकि उससे बाद में आए मरीजों का उपचार हो गया। इसी बात को लेकर पर्ची लगाने वाले कर्मचारी से उसकी तकरार हो गई। आरोप है कि कर्मचारी ने उसे धकेल दिया। बाद में सीनियर डॉक्टर ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया और बच्चे को बाल रोग विशेषज्ञ से दिखाया गया।
बांसगांव की रहने वाली सुमन सुबह से ही ओपीडी में बेटे को दिखाने के लिए लाइन में लगी थीं। करीब साढ़े ग्यारह बजे तक जब उसका नंबर नहीं आया तो वह भड़क गईं और कर्मचारी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए शोर मचाने लगीं। आरोप है कि नाराज कर्मचारी ने उसे धक्का दे दिया तो उसने भी एक थप्पड़ कर्मचारी को मार दिया।
मामला बढ़ता देख सीनियर डॉक्टर ने हस्तक्षेप किया और उसे शांत कराया। मेडिकल कॉलेज में आए दिन ही तीमारदार और मरीजों के साथ मारपीट व बदसलूकी के मामले सामने आ रहे हैं। इससे इलाज तो प्रभावित ही होता है, डॉक्टरों के प्रति मरीजों की भावना भी गलत होती जा रही है। खुद अस्पताल प्रशासन भी इस बात को स्वीकार कर रहा है।
मेरे पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। महिला अगर शिकायत करेंगी तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. एके श्रीवास्तव, चिकित्सा अधीक्षक