गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शासन अब टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट वाटर प्लांट लगवाएगा। जिले में लोहिया गांवों के अलावा इंसेफेलाइटिस प्रभावित गांवों में ऐसे 50 प्लांट लगाने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। ये पंप सौर ऊर्जा के अलावा बिजली से भी चलेंगे। इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
सरकार आम आदमी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट वाटर प्लांट योजना ला रहा है। इसके लिए एक से दो डिस्मिल जमीन की जरूरत होगी। जहां पर एक टैंक के अलावा एक छोटा सा कमरा भी बनाया जाएगा। टैंक में पानी भरा रहेगा, जहां से जरूरतमंद पानी निकाल सकेगा। इसके अलावा पंप चालू होने पर टोटी में पाइप लगाकर लोग अपने घरों मेें भी पानी आसानी से ले जा सकेंगे। इसके रखरखाव की जिम्मेदारी ग्रामसभा की होगी।
सोलर पंप जहां भी लगेगा, उसकी गहराई 200 से 250 फिट होगी। सोलर से पंप जब तक धूप होगी, चलता रहेगा और रात में यह बिजली से चलेगा। इस पंप को इंसेफलाइटिस प्रभावित गांवों में भी लगाने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। कहा जा रहा है कि जेई और एईएस बीमारी जल जनित है। शुद्ध जल नहीं मिलने के कारण लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। इसीलिए लोहिया सहित इंसेफेलाइटिस प्रभावित गांवों में इसे लगाने का प्रस्ताव है।
लोहिया और इंसेफलाइटिस प्रभावित गांवों में सोलर स्टैंड पोस्ट पंप लगाने का प्रस्ताव मांगा गया है। पंप लगाने के लिए एक से दो डिस्मिल जमीन भी चाहिए। जहां जमीन मिलेगी, वहीं पर उसे लगाया जाएगा। सभी पंप सार्वजनिक स्थान पर ही लगेंगे।
-बब्बन उपाध्याय, प्रभारी, सीडीओ एवं डीडीओ