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व्यापारियों ने दुकानें बंद कर जताया विरोध

Mon, 01 Aug 2016 08:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
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गल्ला मण्डी में गोरखपुर दाल ब्यवसायी के बन्दी के कारण दुकानें बन्द कर बैठे मजदूर। - फोटो : Mahesh Kumar
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टैक्स चोरी मामले में दाल व्यवसायी संघ के अध्यक्ष समेत तीस लोगों पर दर्ज मुकदमे के विरोध में दाल मंडी बंद रही। व्यापारियों ने दुकानें बंद कर बैठक की और आरपार की लड़ाई की रणनीति बनाई। बैठक के बाद सोमवार को दाल व्यापारी कमिश्नर से मिलने कार्यालय पहुंचे। उनकी गैरमौजूदगी में व्यापारियों ने मांगपत्र कार्यालय में रिसीव कराया है और दर्ज मुकदमे को फर्जी बताते हुए वापस करने की मांग की है। दूसरी ओर दुकानों के बंद होने से पल्लेदारों को काम नहीं मिले। इससे इनमें उदासी छायी रही।
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अध्यक्ष भास्करानंद ने बताया कि 30 जुलाई को व्यापारी उप निदेशक से वार्ता करने पहुंचे थे। मगर उन्होंने व्यापारियों के साथ अपशब्द का प्रयोग किया। वह पुरानी रंजिश में व्यापारियों का उत्पीड़न करना चाहते हैं। जांच के नाम पर इंस्पेक्टर व्यापारियों का शोषण कर रहे हैं जिसे व्यापारी बर्दाश्त नहीं करेंगे। आरोप लगाया कि विवादों के कारण ही 14 सालों में 41 बार इनका स्थानांतरण हो चुका है और हर स्थानांतरण के बाद कोर्ट में चले जाते हैं। मंडी समिति के व्यापारियों पर इनके द्वारा मंडी शुल्क अनियमितता का झूठा आरोप लगाया जा रहा है। प्रदीप गोयल, रमेश कसौधन, विजय अग्रवाल, कमलेश मिश्रा, संतोष जालान, अनूप, विजय, पंकज, सचिन आदि उपस्थित थे।

आंदोलन की होगी वीडियोग्राफी
उप निदेशक मंडी राजीव श्रीवास्तव ने व्यापारियों के आंदोलन को गलत ठहराते हुए जबरन दुकान बंद कराने वालों पर कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने मंडी सचिव को पत्र लिखकर आंदोलन की वीडियोग्राफी कराने का आदेश दिया है। कहा, किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खोराबार थानेदार को भी पत्र लिखकर उन्होंने जबरन दुकानें बंद कराने की आशंका जाहिर कर दी है।
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चार दुकानों ने करा ली है जांच
उप निदेशक के पत्र के बाद मंडी सचिव ने नोटिस जारी कर सामानों के रिकॉर्ड के मिलान की नोटिस जारी किया था। नोटिस का समय सीमा खत्म हो चुका है। अभी तक सिर्फ चार दुकानदारों ने अपने रिकॉर्ड की जांच कराई है। उप निदेशक मंडी परिषद का कहना है कि वह किसी का उत्पीड़न नहीं करना चाहते है मगर यदि व्यापारी गलत नहीं है तो आखिर उन्हें जांच कराने में परेशानी क्यों हो रही है। दूसरी बात लखनऊ से इस मामले में जांच के लिए कोई कमेटी नहीं गठित हुई है। व्यापारियों ने मेरे खिलाफ शिकायत की थी जिस पर जांच का आदेश हुआ है। बता दें कि तत्कालीन कमिश्नर पी गुरु प्रसाद के निर्देश पर एडीएम,  सभापति मंडी, एडीएम को शामिल करते हुए जांच कमेटी बनी है।

अन्य जिलों में भी पकड़ में आई है चोरी
दाल टैक्स चोरी का मामला यह सिर्फ गोरखपुर मंडी में ही नहीं है। उप निदेशक के पत्र के बाद देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज में जांच शुरू हो चुकी है और वहां पर भी गोलमाल उजागर हो रहा है। 

‘वाणिज्य कर के रिपोर्ट के अनुसार 29 फर्म द्वारा टैक्स चोरी की आशंका है। मेरे द्वारा मंडी सचिव को पत्र लिखा गया था जिसके बाद उन्होंने नोटिस जारी किया और 15 दिन का समय भी दिया जो समय पूरा हो चुका है। कमिश्नर के आदेश पर जांच कमेटी गठित है, व्यापारी को सहयोग करना चाहिए। राजस्व की चोरी यदि हुई है तो वसूली होगी और जांच में जो व्यापारी रिकॉर्ड दिखा देंगे उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी’
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- राजीव श्रीवास्तव, उप निदेशक मंडी परिषद 
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