खुर्रमपुर में लक्ष्मीजी मूर्ति को अंतिम रूप देता कलाकार।
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दिवाली पर शहर में रौनक दिखनी शुरू हो गई है। बाजार जहां सज चुके हैं वहीं लक्ष्मी पूजा के लिए पंडाल सजाए जा रहे हैं। कलाकार पंडालों को भव्यता को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। कई पूजा समितियों के आयोजकों ने इस बार विशेष तैयारी की है। शहर के मोहनलालपुर में जहां डेढ़ क्विंटल का दीया जलाने की तैयारी है वहीं विभिन्न समितियां झांकी समेत अन्य कार्यक्रमों से मनोरंजन के साथ सकारात्मक संदेश देने में जुटी हैं।
जगराता और दीया होगा आकर्षण
मोहनलालपुर में महालक्ष्मी पूजा समिति ने इस बार आयोजन को खास बनाने की पूरी तैयारी की है। 27 को मां लक्ष्मी का आगमन होगा। 28 से पूजा शुरू होगी। अमावस्या की महाआरती के बाद 31 को यहां डेढ़ क्विंटल के दीये को सांसद आदित्यनाथ प्रज्ज्वलित करेंगे। इसके बाद जगराते का आयोजन होगा। लोक गायक नंदू मिश्र खास आकर्षण होंगे। विसर्जन के दिन दीया शोभायात्रा में शामिल होगा। इसके जरिये प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने की कोशिश होगी।
काली मंदिर के पास भव्य होगा पंडाल
महालक्ष्मी पूजा समिति प्राचीन काली मंदिर बक्शीपुर का जोर पंडाल को आकर्षक बनाने पर है। यहां कलाकार बुधवार को पूरे दिन काम में जुटे रहे। समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुशवाहा ने बताया कि 28 को मां की प्रतिमा लाई जाएगी। 29 से पूजन शुरू होगा। 30 को अखंड दीप उत्सव में शहरवासी आकर दीपदान करेंगे। इसके जरिये लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने की कोशिश होगी। एक नवंबर की शाम छह बजे मां की प्रतिमा विसर्जन की शोभायात्रा निकाली जाएगी।
माधोपुर में खास होगी विसर्जन की झांकी
माधोपुर की श्रीश्री महालक्ष्मी पूजा छात्र समिति का आयोजन इस बार बुराइयों के खिलाफ संदेश देगा। समिति के अध्यक्ष पर्वत निषाद ने बताया कि 28 को प्रतिमा पंडाल में स्थापित होगी। 29 से पूजन शुरू होगा। 30 को अमावस्या पर माता की महाआरती की जाएगी। एक नवंबर को विसर्जन के अवसर पर हमारी समिति की ओर से झांकियां निकालने की तैयारी है।