पिपराइच चीनी मिले से बिजली का उत्पादन भी शुरू
पिपराइच (गोरखपुर)। स्थानीय चीनी मिल में लगाए गए कोजेन प्लांट के टर्बाइन से 15 मेगावाट बिजली पैदा होने लगी है। इस प्लांट को 27 मेगावाट बिजली पैदा करने के लिए लगाया गया है। मिल चलाने खर्च होने के बाद बचने वाली बिजली को पॉवर कारपोरेशन को बेचना भी शुरू हो गया है।
टर्बाइन लगाने वाली संस्था टर्वोटेक इंजीनियर्स हैदराबाद के इंजीनियर देवेश मिश्र व आदित्य मिश्र ने बताया कि गन्ने के अभाव में 27 मेगावाट बिजली पैदा करना कठिन है। गत 29 नवंबर को पहली बार पांच मेगावाट बिजली पैदा करने में सफलता मिला। पांच दिसंबर से चीनी मिल पेराई क्षमता के अनुपात में 15 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है।
इसमें 11 मेगावाट बिजली यूपीपीसीएल को बेचने की शुरुआत भी हो गई है। उन्होंने बताया कि 50 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई क्षमता पर 27 मेगावाट बिजली भी बनेगी। चीनी मिल के जीएम जीतेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 29 नवंबर को बिजली पैदा करने की शुरुआत हुई है।
ग्रीड फेल होते ही मची खलबली
पिपराइच। शुक्रवार को लगभग तीन बजे ग्रीड फेल हो गया। उसके बाद परिसर में हर जगह अंधेरा फैल गया। टर्बाइन में लगे विशेष यंत्र के आवाज से ग्रीड फेल होने की जानकारी हुई। अंधेरा होने और विशेष साइरन की आवाज सुनते मिल परिसर में खलबली मच गइ। इंजीनियर सौरभ चतुर्वेदी ने बताया कि जोखिम हर काम में है। हमारे साथ पावर प्लांट में कुल 64 कर्मचारी अपने-अपने काम में निपुण हैं। हर समस्या का समाधान भी होता है। ऐसी स्थिति में जेनरेटर से बिजली मिल जाएगी।