गोरखपुर। छह दिसंबर की अतिरिक्त चौकसी और ‘ऑपरेशन फ्लश आउट’ के लिए चौतरफा मुस्तैदी के बीच भी शहर की पुलिस रविवार को सतर्कता के इम्तहान में फेल हो गई। पुलिस के वायरलेस सेट पर बिना नंबर की बाइक से दो संदिग्ध लोगों के शहर की सड़कों पर घूमने का संदेश प्रसारित हुआ लेकिन रजिस्ट्रेशन नंबर की जगह सपाट सफेद प्लेट वाली काली बाइक पर बिना हेलमेट के दो शख्स शहर भर में घूमे लेकिन चौक-चौराहों से लेकर थानों के मुहाने तक न किसी ने रोका और न टोका।
अपनी पुलिस टीम की मुस्तैदी परखने के लिए वायरलेस संदेश पर संदिग्ध बाइक सवारों की तलाश का संदेश एसएसपी लव कुमार की तरफ से प्रसारित कराया गया था और इसका असर जानने के लिए वह खुद ही बिना वर्दी बिन नंबर वाली काली बाइक से पीआरओ सेल के सिपाही को लेकर निकले थे। बाइक पर पीछे बैठे सिपाही ने भी सामान्य कपड़े पहन रखे थे, जबकि एसएसपी ने चमड़े की साधारण कैप और चश्मे से खुद के चेहरे को काफी हद तक ढक लिया था। खास तरह के ‘टेस्ट ड्राइव’ का एसएसपी का यह सफर गोलघर, धर्मशाला, गोरखनाथ इलाका, रेलवे स्टेशन, विजय चौराहा होते हुए आगे बढ़ता चला गया लेकिन रास्ते में कहीं चेकिंग या एक्शन तो दूर टोका भी नहीं गया। जबकि इस बीच डीआईजी के निर्देश पर ‘ऑपरेशन फ्लश आउट’ के तहत सीओ के नेतृत्व में सर्किल के सभी थानेदार प्रमुख चौराहों, सिनेमा हॉल, मॉल, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर चेकिंग कर रहे थे।
वास्तविक मुस्तैदी का अंदाजा होने के बाद एसएसपी ने रेलवे स्टेशन पर चेकिंग करती पुलिस टीम और गोरखनाथ थाने के पास मातहतों को बुलाकर बिना नंबर की बाइक से बिना हेलमेट वालों को न रोकने पर सख्ती से पूछताछ की। यह सवाल भी उठाया कि संदिग्धों की तलाश के संदेश के बाद यह हाल है तो चेकिंग के सामान्य निर्देश के