हल्का लेखपाल को हटाने की मांग लेकर बाथ बुजुर्ग गांव की प्रधान ग्रामीणों के साथ मंगलवार की सुबह गोला तहसील में प्रदर्शन करने के बाद धरने पर बैठ गईं। चार घंटे तक मौके पर अधिकारियों के न पहुंचने पर वे एसडीएम के पास पहुंच गए। वहां चेंबर से बाहर निकलने पर ग्रामीणों की लेखपाल से कहासुनी हो गई जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें गर्भवती महिला समेत दस से अधिक लोग घायल हो गए।
गोला प्रतिनिधि के अनुसार बाथ बुजुर्ग गांव की प्रधान सुनीता देवी मंगलवार की सुबह 10 बजे सैकड़ों महिलाएं, पुरुषों और बच्चों के साथ तहसील पहुंचीं। हल्का लेखपाल के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगा उसे हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर ग्रामीणों के साथ प्रधान परिसर में धरने पर बैठ र्गइं। दोपहर दो बजे तक मौके पर किसी अधिकारी के न आने पर एसडीएम से मिलने ग्रामीणों के साथ उनके चेंबर में पहुंचीं।
शिकायत को दर किनार कर एसडीएम ने लेखपाल को हटाने से इन्कार कर दिया जिसके बाद ग्रामीण चेंबर के बाहर धरने पर बैठ गए। इसी बीच मौके पर पहुंचे हल्का लेखपाल से ग्रामीणों की कहासुनी के बाद हाथापाई शुरू हो गई। जानकारी मिलने पर फोर्स के साथ पहुंचे इंस्पेक्टर गोला ने धरना देने आए लोगों पर पीटना शुरू कर दिया जिसमें गांव की रहने वाली कुसुम देवी, उर्मिला, द्रोपदी, राधा, शीला घायल हो गईं। गर्भवती कुसुम पेट में चोट लगने से अचेत हो गईं।
गंभीर हाल में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लाठीचार्ज के बाद से तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई। एसडीएम एनके सिंह का कहना है कि ग्रामीण लेखपाल को हटाने की मांग कर रहे थे। परिसर में ही लोगों ने लेखपाल से भी विवाद कर लिया था। पुलिस ने उन्हें तहसील से हटाया, कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया। आरोप की जांच कराई जाएगी।
यह है मामला
बाथ बुजुर्ग गांव में सरकारी भूमि है जिसका रकबा 0.328 हेक्टेयर है जिसमें 44 लोगों को पट्टा किया गया है। 18 लोगाें को कब्जा मिल गया है जबकि शेष जमीन पर दबंगों ने कब्जा जमा रखा है। लाभार्थी आवंटित जमीन पर कब्जा पाने के लिए परेशान हैं, लेकिन हल्का लेखपाल रुपये की मांग कर रहा है।
बाहरी लोगों को दी जा रही गांव की जमीन : प्रधान
ग्राम प्रधान सुनीता का कहना है कि गांव की सरकारी जमीन कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से लेखपाल बाहरी लोगों को दे रहे हैं। हल्का लेखपाल पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। सूखा राहत का चेक और विरासत के नाम पर रुपये वसूलते हैं जिसमें कारण गांव में अव्यवस्था फैल गई है। एसडीएम से शिकायत करने पर उन्होंने गांव के लोगों पर पुलिस से लाठीचार्ज करा दिया।