नगर निगम कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से शुक्रवार को लोग पानी के लिए तरस गए। सुबह से लेकर शाम तक केवल दो घंटे की पानी की सप्लाई हो सकी। वहीं शहर की गलियों में सफाई तो हुई, लेकिन एकत्रित कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं आई। गलियों में दो दिनों से जमा कूड़ा उठने से बदबू के कारण मोहल्ले के लोग परेशान हो गए। सबसे ज्यादा परेशानी भीषण गर्मी में सप्लाई ठप होने से पानी के लिए हुई।
कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार की वजह से शुक्रवार को लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा। सुबह छह बजे से आठ बजे तक पानी सप्लाई हुई, उसके बाद दो घंटे के लिए शहर में बिजली कटौती हो गई। 10 बजे बिजली आई, उस समय कर्मचारी नगर निगम कार्यालय धरना देने पहुंच गए थे। इसके कारण पानी सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गई। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण दोपहर 12 से 2 बजे तक डेली रूटीन के तहत होने वाले पानी की सप्लाई भी नहीं हुई।
जलकल विभाग की माने तो बेतियाहाता, घंटाघर, बक्शीपुर, नखास, जाफरा बाजार, उचवां, तिवारीपुर, लालडिग्गी, गोलघर, दीवान बाजार, मोहद्दीपुर, पुर्दिलपुर एरिया के 70 प्रतिशत घर जलकल के पानी की सप्लाई के भरोसे रहते हैं। ट्यूबवेल के न चलने के कारण पानी की टंकियां खाली हो गई। दोपहर के बाद से इन एरिया में शुरू हुई पानी की किल्लत ने शहर में हाहाकार मचा गया। लोग इधर उधर से पानी का इंतजाम करने में लगे रहे।
नहीं जमा हुआ 15 लाख रुपये टैक्स
कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार की वजह से नगर निगम में इन दिनों टैक्स जमा करने वाले काउंटर खाली पड़े हुए है। वहीं हाउस नंबर एलाट कराने वालों की लंबी लाइन नगर निगम में लग रही है। इसमें कुछ लोग हाउस टैक्स देने तो कुछ रेंट और कुछ लाइसेंस शुल्क जमा करने वाले लोग आते हैं। हाउस टैक्स काउंटर पर बिल जमा करने वाले कर्मचारियाें ने बताया कि डेली कम से कम दो से तीन हजार पब्लिक टैक्स जमा करने आ रहे हैं। वहीं 15 से 20 मामले नए हाउस नंबर एलाट कराने के लिए आ रहे हैं। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रबीश चंद ने बताया कि पिछले एक माह से नगर निगम टैक्स वसूली के लिए सख्ती करने के कारण डेली पांच से सात लाख रुपये का टैक्स जमा हो रहा था। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से दो दिनों में लगभग 15 लाख का नुकसान हुआ।
आज से काम पर लौटेंगे कर्मचारी
नगर निगम परिसर में नगर निगम कर्मचारी समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवानंद राम त्रिपाठी और संचालन महामंत्री रवींद्र कुंवर ने किया। समिति के अध्यक्ष कौशल कुमार शुक्ल ने कहा कि कर्मचारी शनिवार से काम पर लौटेंगेे। प्रांतीय नेतृत्व में शासन को 15 दिन का समय दिया है। इस दौरान अगर कर्मचारियों की मांगे नहीं मानी जाती तो कर्मचारी अनिश्चित काल के लिए कार्य बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि 29 मई को लखनऊ में बैठक के बाद निर्णय लिया जाएगा। सभा को रवींद्र कुंवर, समिति के प्रवक्ता राम प्रकाश सिंह, शेषनाथ पांडेय, नवीन नथैनियल आदि ने भी संबोधित किया। अरविंद यादव, अब्दुल खालिक, रुदल यादव, जय प्रकाश कुशवाहा, मो. याकुब, अवधेश दुबे, साधू शरण अमृत पाल सिंह, राम कृपाल सिंह, ओम प्रकाश, पवन पांडेय आदि मौजूद रहे।