रामगढ़ताल इलाके के तारामंडल स्थित सत्या हॉस्पिटल में हार्निया का आपरेशन कराने वाले मरीज की मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने हंगामा किया और अस्पताल के चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
हंगामे की सूचना पाकर रामगढ़ताल इंस्पेक्टर राणा देवेंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत कराया। घटना के बाद परिजन तहरीर देने थाने पहुंचे। हालांकि बाद में परिजनों ने किसी भी कार्रवाई से इंकार करते हुए तहरीर नहीं दी।
बेतियाहाता निवासी बीरेंद्र कुमार मौर्या (55) को शनिवार की शाम तारामंडल के सत्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मृतक बीरेंद्र के भतीजे अनूप कुमार मौर्या और बेटे रवि ने रामगढ़ताल इंस्पेक्टर को बताया कि चिकित्सकों ने शनिवार की रात को उनका हार्निया का ऑपरेशन किया।
ऑपरेशन के बाद सबकुछ ठीक था। रविवार की दोपहर में ही अचानक उनकी मौत हो गई। आरोप है कि चिकित्सकों ने मौत की बात छिपाते हुए उन्हें दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बीरेंद्र की मौत के बाद चिकित्सक और कर्मचारी फरार हो गए। इसके बाद परिजन शव लेकर हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की और परिजनों को तहरीर देने की बात कह थाने ले आए।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर पहले आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। पुलिस परिजनों को तहरीर देने के लिए थाने लाई। बाद में परिजनों ने तहरीर देने से इंकार कर दिया।
राणा देवेंद्र प्रताप सिंह, इंस्पेक्टर
मरीज के हार्निया का ऑपरेशन हुआ था। 12 घंटे तक कुछ खाने-पीने को नहीं देना था लेकिन रविवार की सुबह ही एक महिला तीमारदार ने पानी पिला दिया। इससे बीरेंद्र की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें रेफर कर दिया गया। मौत अस्पताल में नहीं बल्कि रास्ते में हुई है।
- डॉ एसपीडी द्विवेदी, प्रबंधक, सत्या हॉस्पिटल