खांसी की दवा कोरेक्स समेत करीब 347 फिक्स डोज कांबिनेशन ड्रग्ज को प्रतिबंधित किया गया है।
कॉम्बिनेशन की दवाओं पर रोक लगने के बाद अब बाजार से इसे वापस करने का फरमान जारी हो गया है। यूपी ड्रग कंट्रोलर ने इस संबंध में ड्रग इंस्पेक्टर को कार्रवाई का आदेश दिया है। ड्रग इंस्पेक्टर ने दवा एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सरकारी अस्पतालों के जिम्मेदारों को दवाएं वापस करने का नोटिस भेजा है। इस आदेश के बाद दवा व्यापरियों में हड़कंप मच गया है।
विशेषज्ञों ने कॉम्बिनेशन वाली दवाओं को खतरनाक बताया था। उन्होंने इन दवाओं का चिकित्सकीय औचित्य न होने तक की टिप्पणी की थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने गजट जारी कर ऐसी 344 दवाओं के निर्माण और बिक्री पर रोक लगा दी थी। यूपी ड्रग कंट्रोलर एके मलहोत्रा ने ड्रग इंस्पेक्टर को पत्र लिखकर बाजार से कॉम्बिनेशन वाली दवाओं को वापस कराने का आदेश दिया है। साथ ही ऐसा न करने वाले दवा विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
सरकारी अस्पतालों में होगी परेशानी
कॉम्बिनेशन वाली दवाओं पर रोक लगने के बाद सरकारी अस्पतालों के मरीजों को सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। एक बार ऑर्डर भेजने पर कंपनियां दो से तीन महीने में दवाएं भेजती हैं। ऐसे में अचानक दवाएं वापस कर फिर से उन्हें जल्द मंगवाना आसान नहीं होगा।
व्यापारियों को होगा नुकसान
दवाएं वापस करने के फरमान से व्यापारियों को ज्यादा नुकसान होगा। उनका कहना है कि कंपनी को दवा वापस करने पर छह महीने पुरानी दवाओं का वैट नहीं मिलेगा। उसका नुकसान थोक विक्रेताओं को ही झेलना होगा। यही नहीं, छोटे व्यापारी भी यदि थोक विक्रेताओं को दवा वापस करेंगे तो उन्हें भी पूरे रकम के हिसाब से ही दवा देनी होगी।
ड्रग कंट्रोलर के आदेश के क्रम में दवा विक्रेताओं को इसकी जानकारी दी जा रही है। बाजार से कॉम्बिनेशन वाली दवाओं को कंपनी को वापस कराना है। बाजार बड़ा है, इस वजह से अभी कुछ समय लगेगा। एक पखवारे बाद कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. बृजेश यादव, ड्रग इंस्पेक्टर