गोरखपुर यूनिवर्सिटी के सामने पंत पार्क की व्यवस्था पांच महीने में ही लड़खड़ाने लगी है। यहां जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गए हैं। जॉगिंग ट्रैक पर पेड़ों की टहनियों के आने से लोग चोटिल भी हो रहे हैं। अब तो पार्क में बने शौचालय की सफाई न होने से आने वाली बदबू से सुबह-शाम टहलने आ रहे लोगों के सामने दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं, जबकि पार्क में एक माली की व्यवस्था भी की गई है।
जीडीए की तरफ से लाखों रुपये खर्च कर पंत पार्क की व्यवस्था सुधारी गई थी। इसे बनाए रखने के लिए पार्क में एक माली भी रखा गया है। लेकिन पांच महीनों में ही पार्क की व्यवस्था चरमराने लगी है। देखरेख के अभाव में जॉगिंग ट्रैक जगह-जगह से उखड़ने लगा है। वहीं, पेड़ों की टहनियां ट्रैक तक झुक जाने से टहलने वाले लोग चोटिल हो रहे हैं।
यही नहीं, कुछ टहनियों को काटा भी गया है तो उसे ट्रैक के किनारे ही फेंक दिया गया, जिससे भी लोग परेशान होते हैं। शौचालय की स्थिति तो बहुत ही खराब है। लोगों का कहना है कि सफाई कर्मचारी सप्ताह में कभी एक बार आता है तो कभी कई सप्ताह तक गायब रहता है। इससे शौचालय की बदबू पार्क आने वाले लोगों को बहुत परेशानी करती है। पार्क में लगे झूले भी कई जगह से टूट गए हैं।
अब बहुत ही दिक्कत होेने लगी है
जीडीए ने पार्क को ठीक जब कराया था, तो टहलने में आनंद आता था। अब जगह-जगह जॉगिंग ट्रैक उखड़ने से बहुत दिक्कत हो रही है।
- आलोक कुमार सिंह, व्यापारी
शिकायत पर भी नहीं होती सफाई
पार्क में जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा रहता है। शिकायत के बाद भी सफाई नहीं होती। यही नहीं, शौचालय तो हमेशा गंदा ही रहता है।
- सुधीर कुमार राय, प्रबंधक
झूले टूटे होने पर लगता है डर
टहलने के दौरान बच्चे भी साथ आते हैं। लेकिन जगह-जगह झूले टूटने से डर लगता है कि कहीं बच्चों को चोट न लग जाए।
- योगेश दुबे, प्राइवेट कर्मचारी
पार्क का निरीक्षण करवाया जाएगा। माली की ड्यूटी है। अगर वह पार्क को ठीक नहीं रख जा रहा है तो उसकी जगह दूसरे की तैनाती की जाएगी।
- एमके मिश्रा, सचिव, जीडीए