सिनहोरिया सीएचसी की बदहाल स्थिति सुधारने की पहल शुरू हो गई है। केंद्रीय टीम की जांच के दौरान सीएचसी की कमियां उजागर हुई थीं। टीम ने नाराजगी जताते हुए एक महीने में सुधार की मोहलत दी है। रिपोर्ट के बाद सक्रिय हुए स्वास्थ्य महकमे के अफसरों ने सुधार के कई निर्देश दिए हैं। एडिशनल सीएमओ नंद कुमार ने दो स्टाफ नर्सों की तैनाती कर दी है। उनका कहना है कि जल्द ही यहां पर प्रसव सुविधा भी शुरू हो जाएगी।
करीब दो साल से सीएचसी पर काम चल रहा था मगर सिर्फ ओपीडी की ही सुविधा है। जबकि यहां पर एक महिला डॉक्टर समेत पांच डॉक्टरों की तैनाती है। बिजली की भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। इसे देखते हुए केंद्रीय टीम ने कड़ी आपत्ति जताते हुए साफ कह दिया है कि यदि एक महीने में स्वास्थ्य केंद्र का सुधार नहीं हुआ तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को रिपोर्ट की जाएगी।
टीम की आपत्ति के बाद ही सक्रिय हुए एडिशनल सीएमओ ने प्रसव सुविधा शुरू कराने के लिए नर्स की तैनाती कर दी है। बिजली के लिए जेनरेटर की व्यवस्था भी की जा रही है। डॉ. नंद कुमार ने बताया कि जल्द ही स्वास्थ्य केंद्र को सीएचसी मानक पर दिया जाएगा।
भटहट सीएचसी भी शुरू
गोरखपुर। बीते कई महीनों के प्रयासों के बाद भटहट सीएचसी भी शुरू हो गई है। यह स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी की हीलाहवाली की वजह से शुरू नहीं हो पा रही थी। पास में ही पीएचसी में ही काम चल रहा था। सीएमओ के निर्देश के बाद सीएचसी में ओपीडी शुरू हो गई है। सीएमओ का कहना है कि जल्द ही यह भी पूरी तरह से सीएचसी मानक पर शुरू होगा।