कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. गौरव वल्लभ ने कहा कि तीन साल पहले आठ नवंबर को ही भाजपा सरकार ने देश में नोटबंदी की घोषणा की थी, जिसका खामियाजा आज भी देश भुगत रहा है। इस तारीख को काला दिन के रूप में याद किया जाएगा। कुछ ऐसा ही जीएसटी की वजह से हुआ है।
कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के हर फैसले से देश की जनता ठगी गई। देश की जनता विवेकशील है, लेकिन कभी-कभी भावनात्मक निर्णय भी ले लेती है। जिस जनता ने भाजपा को 303 सांसदों का आंकड़ा दिया है, वही जनता चाह लेगी तो तीन पर भी ला देगी। महाराष्ट्र व हरियाणा के चुनाव इसके उदाहरण हैं।
शुक्रवार को यहां होटल में पत्रकारों से प्रो. वल्लभ ने कहा कि भाजपा सरकार ने बिना वजह नोटबंदी कर तथा गलत तरीके से जीएसटी लागू कर अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया। देश की चलती-फिरती अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने के लिए लागू की गई नोटबंदी से 150 लोगों की जानें गईं। देश थोपी गई बेरोजगारी का सामना कर रहा है। बेरोजगारी बढ़ कर 8.5 प्रतिशत हो गई है। मंदी छाई हुई है।
भाजपा वैश्विक मंदी का जुमला उछाल रही है, जबकि 2009 में सदी की सबसे बड़ी मंदी आई थी, लेकिन भारत पर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विरोध के कारण प्रधानमंत्री ने आरसीईपी पर हस्ताक्षर नहीं किया वरना देश की अर्थव्यवस्था और गर्त में चली जाती। उत्पादन सेक्टर में 6 तथा कृषि क्षेत्र में 2 प्रतिशत की दर से वृद्धि हो रही है। अगर इसी रफ्तार से कृषि क्षेत्र का उत्थान होता है तो 2058 में किसानों की आय दुगुनी हो सकती है।
कहा कि गलत जीएसटी की वजह से टैक्स से पर्याप्त प्राप्ति नहीं हो रहा और देश पर दो लाख करोड़ रुपये की देनदारी हो गई है। आरबीआई का रिजर्व पैसा लेकर सरकार अपना खर्चा चला रही है।
पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली में पुलिस वाले सुरक्षा, वकील न्याय तथा लोग जीने के लिए शुद्ध हवा मांग रहे हैं। क्या यही न्यू इंडिया है। योगी सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में हुए पीएफ घोटाले से सरकार पल्ला नहीं झाड़ सकती है। जिस कंपनी में निवेश किया गया उसकी विश्वसनीयता शुरू से संदिग्ध रही। मुख्यमंत्री को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। इस दौरान पूर्वांचल जोन के कांग्रेस प्रभारी विश्वविजय सिंह, जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान, महानगर अध्यक्ष अरुण अग्रहरि, सुरहीता करीम, अनवर हुसैन आदि मौजूद रहे।
लगता नहीं है कि यह मुख्यमंत्री का शहर है
प्रो. वल्लभ ने कहा कि एयरपोर्ट से गोरखपुर शहर आते वक्त ऐसा लगा ही नहीं कि यह मुख्यमंत्री का शहर है। सड़क के दोनों ओर कूड़े करकट का ढेर लगा हुआ है। चौराहे कहीं भी बेहतर नहीं है। जाम की समस्या काफी ज्यादा है। जबकि मुख्यमंत्री का शहर होने की वजह से यह मॉडल के रूप में होना चाहिए।